VIMSAR के दो कर्मियों के ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, करोड़ों की काली कमाई का खुलासा

Sandesh Wahak Digital Desk: ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में संबलपुर के बुर्ला स्थित वीर सुरेंद्र साय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च (VIMSAR) के दो कर्मचारियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की विशेष टीमों ने मंगलवार को दोनों आरोपियों से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। इस छापेमारी में अब तक 20 कीमती भूखंड (प्लॉट), ₹19.72 लाख से ज्यादा की नकदी, आलीशान मकान और कई भारी वाहनों का पता चला है।

पहली बड़ी कार्रवाई VIMSAR के एस्टैब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट धनुर्धर बिस्वाल के खिलाफ हुई। विशेष अदालत से वारंट मिलने के बाद 2 डीएसपी और 5 इंस्पेक्टरों की अगुवाई में विजिलेंस ने बिस्वाल के 4 ठिकानों (संबलपुर के धनकौड़ा और गुडेसिंगा स्थित मकान, सरकारी आवास और दफ्तर) पर एक साथ छानबीन की। शुरुआती जांच में ही बिस्वाल और उनके परिवार के नाम पर संबलपुर के बाहरी इलाकों में 20 कीमती प्लॉट, धनकौड़ा में 1,650 वर्गफुट का दो मंजिला मकान और एक अन्य बिल्डिंग का खुलासा हुआ है। इसके अलावा 19,72,490 रुपये कैश सहित सोने के जेवर, बैंक और पोस्ट ऑफिस निवेश के दस्तावेज मिले हैं। आरोपी के पास से एक हाइवा ट्रक, एक कार, दो ट्रैक्टर और तीन बाइक भी जब्त की गई हैं।

इसी कड़ी में दूसरी कार्रवाई विम्सार के सुपरिटेंडेंट दफ्तर में तैनात स्टुअर्ड अश्विनी मेहर के खिलाफ की गई। विजिलेंस की टीम ने संबलपुर और बरगढ़ जिले में मेहर के 5 ठिकानों पर एक साथ रेड की, जिसका नेतृत्व 5 डीएसपी और 5 इंस्पेक्टरों की बड़ी टीम कर रही है। जांच टीम ने बुर्ला के सौरव विहार में मेहर के एक निर्माणाधीन चार मंजिला ऊंचे भवन, पाथनबांध और बरगढ़ के गोविंदपाली स्थित मकानों सहित उनके दफ्तर को खंगाला। विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ही मामलों में सर्च ऑपरेशन और दस्तावेजों की कड़ाई से पड़ताल जारी है, जिसके बाद बेहिसाब संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन कर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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