पानी के विवाद में युवक की पीट-पीटकर हत्या, भारी तनाव के बीच आरोपी के घर पर चला बुलडोजर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैरागीवाला गांव में पानी के मामूली विवाद ने एक बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। विकासनगर इलाके के इस गांव में खेत में पानी लगाने को लेकर दो पक्षों में शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने विनोद कश्यप नाम के एक युवक पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस हिंसक हमले में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस वारदात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर भागते और अफरा-तफरी मचाते दिख रहे हैं।
आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर में लगाई आग
विनोद की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। उग्र प्रदर्शनकारियों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घरों पर पथराव किया और एक घर को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को संभालने पहुंची पुलिस के साथ भी प्रदर्शनकारियों की तीखी नोंकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। फिलहाल हालात को देखते हुए बैरागीवाला में भारी पुलिस बल और आस-पास के कई थानों की टीमें कैंप कर रही हैं।
12 नामजद लोगों पर केस दर्ज
प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने इस मामले में रज्जाक, इम्तियाज, अमन, यूनुस, शाहबाज, शराफत अली, मासूम, आदिल, शमून, सलमान, जावेद और इंतजार सहित 12 नामजद और 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, स्थानीय लोगों के भारी गुस्से को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में मुख्य आरोपी के घर के पास बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। एसपी देहात पंकज गैरोला के मुताबिक, फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
विधायक ने थाना प्रभारी को लगाई लताड़
घटना की सूचना मिलते ही विकासनगर के भाजपा विधायक मुन्ना चौहान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और ढाढस बंधाया। विधायक ने कानून-व्यवस्था में ढिलाई बरतने को लेकर सहसपुर कोतवाली के थाना प्रभारी को कड़ी फटकार लगाई और जल्द से जल्द सभी दोषियों को जेल भेजने के निर्देश दिए। दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों ने इस घटना को ‘मॉब लिंचिंग’ करार देते हुए आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष पहले भी इस तरह के हिंसक विवादों में शामिल रहा है।

