UP में तबादलों की नई लिस्ट जारी: 14 IFS अफसर इधर-उधर, 9 जिलों को मिले नए DFO
UP Transfer News: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। PCS और IAS अधिकारियों के तबादलों के बाद अब राज्य सरकार ने भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। वन विभाग में जारी आदेश के तहत 14 आईएफएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जबकि 9 जिलों और वन प्रभागों में नए डीएफओ (प्रभागीय वनाधिकारी) तैनात किए गए हैं।
वन विभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को प्रशासनिक कार्यों में तेजी और बेहतर प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है।
9 जिलों में बदले गए DFO
जारी आदेश के अनुसार कई जिलों में डीएफओ स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
- गोरखपुर के डीएफओ विकास यादव को झांसी वन प्रभाग भेजा गया।
- सहारनपुर के डीएफओ शुभम सिंह को गोरखपुर की जिम्मेदारी मिली।
- कानपुर की डीएफओ दिव्या को जौनपुर स्थानांतरित किया गया।
- वाराणसी की डीएफओ स्वाति को उन्नाव भेजा गया।
- उन्नाव में तैनात आरुषि मिश्रा को कैमूर वन्यजीव प्रभाग, मिर्जापुर में नई जिम्मेदारी मिली।
- बदायूं की डीएफओ निधि चौहान को वाराणसी का डीएफओ बनाया गया।
- राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी में तैनात चांदनी सिंह को सहारनपुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया।
- आजमगढ़ की डीएफओ आकांक्षा जैन को कानपुर भेजा गया।
- बलिया के डीएफओ पृथ्वीराज केएसबी को बिजनौर वन प्रभाग (नजीबाबाद) का डीएफओ बनाया गया।
कई अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी
तबादलों के साथ कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है।
- वन निगम में तैनात सुजाय बनर्जी को महाप्रबंधक (कार्मिक) के साथ महाप्रबंधक (उत्पादन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
- दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच. राजामोहन को क्षेत्रीय प्रबंधक वन निगम खीरी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
- केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे गणेश भट्ट को मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन) बनाया गया है। साथ ही उन्हें परियोजना और सुरक्षा एवं सतर्कता का अतिरिक्त दायित्व भी दिया गया है।
- शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान के निदेशक सूरज को वन निगम गोरखपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
- गोरखपुर में तैनात क्षेत्रीय प्रबंधक ए.के. कश्यप को लखनऊ स्थानांतरित किया गया है।
तबादला आदेश नहीं मानने पर इंजीनियर निलंबित
उधर, जल निगम (ग्रामीण) में भी बड़ी कार्रवाई हुई है। विभाग ने अधिशासी अभियंता नरेंद्र वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार उनका 9 अप्रैल 2026 को बदायूं से सोनभद्र तबादला किया गया था, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया। कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद उन्होंने न तो संतोषजनक जवाब दिया और न ही आदेश का पालन किया।
विभागीय जांच भी शुरू
जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर ने नरेंद्र वर्मा के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक जांच के आदेश भी दिए हैं। मुख्य अभियंता विशेश्वर प्रसाद को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। निलंबन अवधि में नरेंद्र वर्मा को मुख्य अभियंता (आगरा क्षेत्र) कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
वन विभाग और जल निगम में हुए इन फैसलों को शासन की प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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