बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स 645 और निफ्टी 204 अंक फिसला
Sandesh Wahak Digital Desk : गुरुवार, 22 मई को वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखा। दिन की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और जैसे-जैसे कारोबार आगे बढ़ा, गिरावट गहराती गई। भारी वज़न वाले शेयर जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस में कमजोरी ने बाजार पर खासा दबाव डाला।
ऑटो और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में सबसे अधिक नुकसान देखा गया। हालांकि दिन के अंत में कुछ रिकवरी जरूर आई, लेकिन नुकसान की भरपाई पूरी नहीं हो सकी।
बाजार का हाल:
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बीएसई सेंसेक्स की शुरुआत 270 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 81,323.08 पर हुई। कारोबार के दौरान यह एक समय 80,489.92 तक लुढ़क गया था। अंत में यह 644.64 अंक या 0.79% टूटकर 80,951.99 पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 5 कंपनियां हरे निशान में रह पाईं, बाकी सभी में गिरावट दर्ज की गई।
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एनएसई निफ्टी-50 की शुरुआत भी कमजोर रही, जो 24,733.95 पर खुला। कारोबार के दौरान यह नीचे खिसककर 24,462.40 तक चला गया और अंत में 203.75 अंक या 0.82% की गिरावट के साथ 24,609.70 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में गिरावट की 3 प्रमुख वजहें:
1. एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत
गुरुवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखी गई।
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जापान का निक्केई 0.7% गिरा,
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दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.1% नीचे बंद हुआ,
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जबकि ऑस्ट्रेलिया का एएसएक्स 200 भी 0.4% गिर गया।
इससे पहले बुधवार को अमेरिकी बाजार (वॉल स्ट्रीट) में भी गिरावट देखी गई थी। निवेशकों ने अमेरिकी बजट घाटे को लेकर चिंता जताई, जिससे ट्रेजरी यील्ड्स बढ़ीं और बाजार पर दबाव बना।
2. IMF की चेतावनी
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पहली डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ ने आगाह किया है कि अमेरिका का बढ़ता वित्तीय घाटा चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने कर्ज़ और खर्चों पर लगाम लगाने की जरूरत है, नहीं तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
3. सेक्टोरल दबाव
बाजार में गिरावट लगभग सभी सेक्टरों में देखी गई।
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निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा 1.4% टूटा।
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एफएमसीजी और आईटी सेक्टर में क्रमशः 1.27% और 1.11% की गिरावट रही।
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फार्मा, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और एनर्जी सेक्टर में भी 0.5% से 1% तक की गिरावट देखने को मिली।
केवल निफ्टी मीडिया इंडेक्स ही थोड़ा हरे निशान में रहा।

