Lucknow: सेना के जवानों से धोखाधड़ी करने वाला शातिर भूमाफिया गिरफ्तार, 25 हजार का था इनाम

Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के दक्षिणी जोन अंतर्गत मोहनलालगंज थाना क्षेत्र में, सैन्यकर्मियों और आम नागरिकों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक कुख्यात जालसाज को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त पर ₹25,000 का इनाम घोषित था और उसके खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।

एसटीएफ और मोहनलालगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत, पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) निपुण अग्रवाल, अपर पुलिस उपायुक्त अमित कुमावत, सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा और मोहनलालगंज प्रभारी निरीक्षक डी.के. सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने एसटीएफ की मदद से 15 जून 2025 को आरोपी प्रमोद उपाध्याय को कान्हा उपवन, मोहनलालगंज से गिरफ्तार किया।

कैसे हुआ पर्दाफाश ?

30 मार्च 2025 को लक्ष्मी देवी कुकरेती, निवासी पुणे (महाराष्ट्र), ने मोहनलालगंज थाने में शिकायत दर्ज करवाई कि उन्होंने वर्ष 2021 में ग्राम मऊ, थाना मोहनलालगंज स्थित एक प्लॉट को एच.के. इन्फ्राविजन प्राइवेट लिमिटेड नामक रियल एस्टेट कंपनी से खरीदा था। लेकिन प्लॉट की रजिस्ट्री होने के बावजूद उन्हें आज तक कब्जा नहीं दिया गया।

अपराध की कार्यप्रणाली (Modus Operandi)

प्रमोद उपाध्याय स्वयं को एक प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कंपनी का निदेशक बताकर लोगों को लुभावने ऑफ़र में प्लॉट बेचता था। वह विशेष रूप से सेना, अर्धसैनिक बलों और नौकरीपेशा लोगों को निशाना बनाता था, जो समय की कमी के चलते संपत्ति की सही जांच नहीं कर पाते थे।

वह जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद भी कब्जा नहीं देता, या फिर ऐसी जमीन बेचता जो या तो विवादित होती या फिर उसका स्वामित्व ही उसके पास नहीं होता। बाद में शिकायत करने पर वह धन वापसी का झूठा आश्वासन देता, लेकिन समय निकालता रहता था।

30 से अधिक मामलों में आरोपी

केवल मोहनलालगंज थाने में ही 19 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें धारा 406, 420, 504, 506, 409 समेत गंभीर धाराएं शामिल हैं। वहीं, लखनऊ के विभिन्न थानों (सरोजनीनगर, आशियाना, कैंट, पीजीआई आदि) में 30 से अधिक मामलों में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धमकी, बलवा, एससी-एसटी एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

बरामद सामग्री

  • दो कंपनी ब्रोशर
  • चार नकली मोहरें

गिरफ्तारी टीम

इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में मोहनलालगंज थाना पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर यह सफलता पाई।

सेना और आम नागरिकों को झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाला यह आरोपी लम्बे समय से फरार था, लेकिन लखनऊ पुलिस और एसटीएफ की सटीक योजना और मेहनत से अब वह कानून की गिरफ्त में है। यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी है, बल्कि ऐसे फर्जीवाड़े के शिकार होने से बचने के लिए एक सबक भी है।

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