कुशीनगर के 518 जर्जर स्कूल भवनों की होगी जांच, जल्द लिया जाएगा ध्वस्तीकरण पर फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: कुशीनगर जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 518 परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवन अब प्रशासन की रडार पर हैं। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इन स्कूल भवनों की तकनीकी जांच कराकर उनकी हालत का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके बाद इन भवनों को ध्वस्त करने पर निर्णय लिया जाएगा।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों में संचालित प्राथमिक स्कूलों को लेकर वर्षों से चिंता जताई जाती रही है। कभी भी गिरने का खतरा बने रहने से छात्रों और शिक्षकों की जान जोखिम में रहती है। अब शासन के निर्देश पर इन भवनों को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है।
तकनीकी समिति गठित, 3 विभागों को मिली जिम्मेदारी
अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन के आदेश पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने जर्जर विद्यालय भवनों की तकनीकी जांच समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा को सौंपी गई है, जबकि सदस्य के रूप में सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग को नामित किया गया है।
क्या करेगी समिति?
समिति को 518 चिन्हित विद्यालय भवनों का स्थलीय निरीक्षण, मूल्यांकन रिपोर्ट, कंप्यूटेड वैल्यू, और विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करनी है, ताकि ये तय किया जा सके कि कौन-कौन से भवन वास्तव में अब उपयोग के लायक नहीं बचे हैं।
अब तक सिर्फ 40 की रिपोर्ट, डीएम ने जताई नाराज़गी
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा पूर्व में 518 भवनों की सूची भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक सिर्फ 40 विद्यालयों की जांच रिपोर्ट ही प्राप्त हुई है, जो डीएम के मुताबिक अत्यंत खेदजनक है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने पुनः सख्त आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि बाकी सभी भवनों की जांच शीघ्र पूर्ण कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासनादेश के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल।
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