Lucknow News: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में ‘जनरेटिव AI’ से शिक्षा को बदलने पर मंथन, शिक्षकों ने सीखे नए गुर
Sandesh Wahak Digital Desk: इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग ने मानव संसाधन विकास केंद्र के साथ मिलकर एक खास कार्यशाला का आयोजन किया। 6 और 7 अगस्त को आयोजित इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय था, “एमओओसी के माध्यम से शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा: जेनएआई”।
शिक्षा के नए मॉडल पर हुआ फोकस
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि MOOC (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) और जनरेटिव AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के मेल से शिक्षा को कैसे और बेहतर बनाया जा सकता है। इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत छात्रों को केंद्र में रखकर शिक्षा दी जाए। इस कार्यशाला में अलग-अलग संस्थानों के 100 से ज़्यादा शिक्षकों, शोधार्थियों और छात्रों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों तरीकों से भाग लिया।
AI और डिजिटल शिक्षा पर विशेषज्ञों ने दिए टिप्स
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जाने-माने शिक्षाविद् प्रो. एस.एम. खान ने इसमें मुख्य वक्ता के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने AI टूल्स को डिजिटल टीचिंग में शामिल करने, छात्रों की भागीदारी बढ़ाने और MOOC के माध्यम से बेहतर कंटेंट देने के तरीकों पर कई महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए।
इस कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया, कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई और रचनात्मक सुझाव भी दिए गए। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में नए बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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