लोकसभा में बिना चर्चा के पास हुआ ऑनलाइन गेमिंग बिल, अश्विनी वैष्णव ने बताया क्यों है जरूरी?
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के मॉनसून सत्र में बुधवार को भी जोरदार हंगामा जारी रहा। बिहार में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा एक अहम विधेयक बिना किसी चर्चा के लोकसभा में पारित हो गया। वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के वॉकआउट के बाद गुवाहाटी में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) की स्थापना से जुड़ा बिल भी पास हो गया।
ऑनलाइन गेमिंग बिल क्यों है जरूरी?
लोकसभा में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल पेश किया। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में ऑनलाइन मनी गेम्स समाज के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गए हैं। मंत्री ने बताया कि ऑनलाइन मनी गेम्स की लत के कारण कई लोग अपनी जीवन भर की कमाई गंवा देते हैं। उन्होंने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 31 महीनों में 32 आत्महत्याएं इसी कारण हुई हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन गेम्स में पारदर्शिता की कमी होती है, जिससे फ्रॉड और धोखाधड़ी बढ़ती है। साथ ही, इनका इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को फंडिंग के लिए भी हो सकता है।
सरकार की प्राथमिकता: समाज की सुरक्षा
आईटी मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग के तीन सेगमेंट हैं: ई-स्पोर्ट्स (रणनीतिक सोच बढ़ाता है), ऑनलाइन सोशल गेम्स (मनोरंजन के लिए) और ऑनलाइन मनी गेम्स (जो समाज में बुराई बन चुके हैं)। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पहले दो सेगमेंट को बढ़ावा देना चाहती है, जबकि तीसरे सेगमेंट यानी पैसों वाले गेम्स पर लगाम लगाना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता हमेशा से समाज की सुरक्षा रही है, और यह बिल भी इसी उद्देश्य के साथ लाया गया है।
अश्विनी वैष्णव ने विपक्ष से सर्वसम्मति से इस बिल को पास करने का अनुरोध किया, लेकिन बिहार SIR पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। जोरदार शोर-शराबे के बीच, यह बिल बिना किसी बहस के ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
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