बाफिला घोटाला: फर्जीवाड़े की सैकड़ों करोड़ की 19 बीघा जमीन सरकार के नाम दर्ज
निर्बल वर्ग सहकारी समिति को लेकर एसडीएम सदर की कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला
Sandesh Wahak Digital Desk: देर आये दुरुस्त आये की तर्ज पर बाफिला गैंग को लखनऊ जिला प्रशासन ने बड़ा झटका दिया है। सदर तहसील में उप जिलाधिकारी कोर्ट ने बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी गृह निर्माण समिति लिमिटेड समिति से जुड़े अरबों के चार भूखंडों को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है।

कोर्ट के आदेश पर कुल 19 बीघा से अधिक भूमि अब सरकार के नाम दर्ज हो गई है। उपजिलाधिकारी, सदर ने सभी मामलों में पाया कि भूमि का विक्रय सम्बन्धित खातेदारों (ज्यादातर अनुसूचित जाति, जैसे रजपता, मैकी आदि) ने समिति को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर किया था, जो उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम की धारा 157क/168क का उल्लंघन है। इसी आधार पर कुल 19 बीघा 1 बिस्वां 43 बिस्वांसी भूमि को समस्त भार बन्धनों से मुक्त कर राज्य सरकार में निहित किये जाने के आदेश दिए गए हैं। उक्त भूमि की बाजार कीमत कई सौ करोड़ बताई जा रही है।
एसडीएम की कोर्ट ने यह निर्णय एलडीए की ओर से दायर वाद की सुनवाई और बहस के बाद दिया है। समिति ने इन मामलों में तर्क दिया कि जिस कानून (जमींदारी अधिनियम) के तहत कार्रवाई की जा रही है, उसे बहुत पहले ही निरस्त कर दिया गया था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि इस भूमि पर सदस्य घर बना चुके हैं और पहले के मुकदमों में वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जीत चुके हैं। एसडीएम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि कानून उस समय लागू था, जब ये गैरकानूनी सौदे किए गए थे।
कोर्ट ने इन भूखंडों की बिक्री में दो प्रमुख कानूनी उल्लंघनों को आधार मानते हुए फैसला सुनाया। सभी गाटे मखदूमपुर से जुड़े हैं।
महंगे आशियानों के मालिक सैकड़ों आवंटी परिवारों में दहशत
इन मामलों में बहुजन निर्बल वर्ग समिति को कुल 56,307 वर्गमीटर भूमि दिए जाने की अनुमति मिली थी। इन आदेशों के बाद स्थानीय स्तर पर बहुजन निर्बल वर्ग सहकारी समिति के सैकड़ों आवंटी परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता की लहर दौड़ गई है। शासन के आदेशों के अनुपालन में इन आवासीय कॉलोनियों के पुनर्गठन, भविष्य व कानूनी विकल्पों पर मंथन जारी है। बंगले-फ्लैट बनाकर निवास कर रहे परिवारों का आशियाना एक बार फिर कानूनी दावपेंच व सरकारी दखल में उलझ गया है। बाफिला गैंग की करतूतें ये आवंटी भुगतेंगे।
चार वाद हुए थे दर्ज
एसडीएम कोर्ट में दर्ज कुल चार वाद संख्या 40429/2024, 40431/2024, 40436/2024, 40442/2024 में सरकार बनाम बहुजन समिति व अन्य के बीच जमीन के मालिकाना हक व हस्तांतरण को लेकर विवाद था। इन मामलों में भूमि संबंधित खसरा/गाटा संख्याएं 25 (6 बीघा 8 बिस्वां 14 बिस्वांसी), 54 (7 बीघा 2 बिस्वा 13 बिस्वांसी), 43 (3 बीघा 3 बिस्वा 5 बिस्वांसी) और 58अ, 58ब (3 बीघा 9 बिस्वा 11 बिस्वांसी) की थी। जो राज्य सरकार के नाम दर्ज हुई है।

