IT Raid : पान मसाला फर्मों में खपाई नोएडा के अफसरों ने काली कमाई

छापेमारी के दौरान आयकर विभाग के हाथ लगे थे अथॉरिटी के रसूखदारों की करतूतों के राज

Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी के पान मसाला कारोबार में कई रसूखदारों की काली कमाई खपाई गयी है। इसमें नोएडा अथॉरिटी के कई अफसर भी शामिल हैं। जिनको लखनऊ स्थित पान मसाला फर्में रास आ रही हैं।

लखनऊ की तीन फर्में इस खेल में थीं शामिल

आयकर विभाग को वर्षों से इस खेल की बखूबी जानकारी होने के बावजूद जांच लम्बे समय से फाइलों में कैद है। खासतौर से पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के मामले में। पूर्व में लखनऊ की तीन बड़ी पान मसाला कंपनियों पर आयकर विभाग की जबरदस्त छापेमारी हुई थी। तभी खुलासा हुआ कि नोएडा के तत्कालीन इंजीनियरों का काला धन कंपनियों में निवेश हुआ है।

इनमें से एक पान मसाला फैक्ट्री नादरगंज में स्थित बतायी जा रही थी। वहीं राज्य कर विभाग की छापेमारी में भी तकरीबन दो अरब की टैक्स चोरी अफसरों ने तत्समय इन्हीं पान मसाला फर्मों पकड़ी थी। महकमे के तत्कालीन ज्वाइंट कमिश्नर पर दबाव डालकर कम्पनी को न सिर्फ क्लीन चिट दिलवा दी गयी बल्कि मामूली कर भी जमा करवाया गया।

इसी बीच आयकर की इन्वेस्टिगेशन यूनिट को पान मसाला कम्पनियों में खपाई काली कमाई के सम्बंध में पुख्ता साक्ष्य भी हाथ लगे थे। जिसके बाद आयकर अफसरों ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग व राज्य कर महकमे को पत्र लिखकर लखनऊ की तीन नामी पान मसाला कंपनियों के सम्बंध में अहम जानकारियां भी मांगी थी। इस दौरान आयकर विभाग की जांच इकाई में अफसरों का तबादला होते ही मामले की जांच भी फाइलों में मानो दफन करा दी गयी। जिन पान मसाला कंपनियों में नोएडा के तत्कालीन धनकुबेर इंजीनियरों की काली कमाई का निवेश हुआ था। उनका सालाना टर्नओवर ही उस दौरान अरबों में था।

शुरू होनी थी सतर्कता जांच

एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि खुलासे के बाद यूपी सरकार नोएडा अथॉरिटी और पान मसाला कारोबारियों के बीच रिश्तों की जांच सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) से कराने पर विचार कर रही थी, लेकिन सतर्कता जांच भी आज तक शुरू ही नहीं होने दी गयी।

सीबीआई की एक भी चार्जशीट में जिक्र नहीं

सीबीआई ने नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के भ्रष्टाचार की जांच की थी। इस दौरान पान मसाला फर्मों से रिश्तों की पड़ताल नहीं हुई। यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई ने जितनी भी चार्जशीट बनायी। उसमें इन फर्मों का कोई जिक्र नहीं था। सीबीआई ने यादव सिंह के आईएएस दामाद (वर्तमान में यूपी में मंडलायुक्त) से भी इस संबंध में पूछताछ करना मुनासिब नहीं समझा।

ऐसे ही खरीदे जाते हं सोनभद्र के पहाड़

यूपी के राज्य कर अफसरों की काली कमाई में सबसे प्रमुख हिस्सा पान मसाला कारोबार का भी है। हाल ही में कुछ अधिकारियों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने अरबों की अघोषित आय को छिपाने के लिए मिर्जापुर और सोनभद्र में डोलो स्टोन, सैंड स्टोन और लाइम स्टोन से भरपूर पहाड़ ही खरीद डाले हैं। जिसके पीछे अहम रोल प्रदेश की ऐसी ही पान मसाला फर्मों का है।

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