यूपी में रोजगार की नई क्रांति, 6.5 लाख युवाओं को मिलेगी नौकरी, 2027 तक ‘बालश्रम मुक्त’ होगा प्रदेश

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में विधान भवन में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभाग की आगामी दो वर्षों की भविष्योन्मुखी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर राज्यमंत्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी) भी मौजूद रहे।

रोजगार के बड़े लक्ष्य (आगामी 2 वर्ष)

सरकार ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं:

  • देश में रोजगार: 6 लाख अभ्यर्थियों को देश के भीतर नौकरी दिलाने का लक्ष्य।

  • विदेश में रोजगार: 50 हजार अभ्यर्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्लेसमेंट।

  • भाषा प्रशिक्षण: विदेश में रोजगार हेतु अभ्यर्थियों को जापानी, जर्मन और अंग्रेजी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा में विस्तार

श्रमिकों और उनके परिवारों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है:

  • 12 नए औषधालय: प्रयागराज, वाराणसी, अलीगढ़, फतेहपुर, फिरोजाबाद, सोनभद्र, जालौन, कन्नौज और लखीमपुर खीरी में स्वीकृत।

  • 05 नए चिकित्सालय: मुरादाबाद, अयोध्या, बुलंदशहर, ग्रेटर नोएडा और गोरखपुर में ईएसआई (ESI) अस्पतालों की स्थापना होगी।

मंत्री अनिल राजभर के मुख्य निर्देश

  1. प्रचार-प्रसार: श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के लिए बस स्टेशनों, तहसीलों और सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स लगाए जाएं।

  2. समय-सीमा: प्रत्येक कार्ययोजना का क्रियान्वयन समय-सीमा के भीतर हो।

  3. बालश्रम मुक्ति: वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को पूरी तरह से बालश्रम मुक्त बनाने का संकल्प।

  4. लेबर अड्डा विकास: मजदूरों के अड्डों पर पेयजल और बैठने के लिए छाया (शेड) की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कार्ययोजना की प्रमुख विशेषताएं

क्षेत्र प्रमुख प्रस्तावित सुधार / योजनाएं
कारखाना पंजीयन अपंजीकृत कारखानों को दायरे में लाने हेतु नियमों में संशोधन और सुगम पंजीकरण।
महिला कल्याण कारखानों में सैनेटरी नैपकिन की उपलब्धता और गतिमान मशीनों पर कार्य की छूट।
शिक्षा एवं भविष्य श्रमिकों के बच्चों के लिए आधुनिक पुस्तकालय, छात्रावास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी।
सेवायोजन लखनऊ में ‘इंटीग्रेटेड फेसिलिटेशन सेंटर’ और ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना।
श्रमिक सुरक्षा सराय योजना में गति लाना और नियमित रूप से सेफ्टी ऑडिट को मान्यता देना।

 

प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम ने कहा कि विभाग श्रमिकों और युवाओं के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में श्रमायुक्त मारकण्डेय शाही, निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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