KGMU ‘लव जिहाद’ कांड: 50 हजार का इनामी डॉक्टर रमीज लखनऊ से गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के चौक थाने और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए केजीएमयू के सीनियर डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रमीज पर अपनी जूनियर छात्रा का शारीरिक शोषण करने, धोखे से उसका धर्म परिवर्तन कराने और बिना सहमति के गर्भपात कराने जैसे रूह कंपा देने वाले आरोप हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार फरार चल रहा था, जिसके बाद उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

केस की दर्दनाक कहानी: शादी का झांसा और धोखा
यह पूरा मामला 23 दिसंबर 2025 को सामने आया था, जब केजीएमयू की एक एमडी पैथोलॉजी छात्रा (पीड़िता) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप था कि उसके सीनियर डॉक्टर रमीज ने उसे शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने डरा-धमकाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया और जब वह गर्भवती हुई, तो उसकी मर्जी के बिना उसका गर्भपात भी करा दिया।
जांच में खुला राज: एक नहीं, कई लड़कियां थीं निशाने पर
जब पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि रमीज ने एक अन्य मेडिकल छात्रा के साथ भी इसी तरह की दरिंदगी की थी। आरोपी के माता-पिता (सलीमुद्दीन और खतीजा) भी इस पूरे खेल में शामिल थे। वे लड़कियों पर दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन कराते थे और निकाह के लिए मजबूर करते थे। रमीज के बुजुर्ग माता-पिता को पुलिस पहले ही 5 जनवरी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कैसे हत्थे चढ़ा शातिर डॉक्टर?
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने रमीज की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया था। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। शुक्रवार दोपहर करीब 2:40 बजे, जब रमीज सिटी स्टेशन लखनऊ गेट के पास छिपने की कोशिश कर रहा था, तभी घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं और ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज किया है। चौक थाना प्रभारी नागेश उपाध्याय ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों (शारिक खान और सैय्यद जाहिद हसन) का भी पता लगाया जा सके। इस मामले में पुलिस की तत्परता और सख्त धाराओं के प्रयोग से उम्मीद जागी है कि पीड़िता को जल्द ही न्याय मिलेगा।
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