लखनऊ: बैंक लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला शातिर जालसाज गिरफ्तार, चारबाग में दबोचा गया
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की कैसरबाग पुलिस ने फर्जी कागजात तैयार कर बैंक लोन हड़पने वाले एक गिरोह के अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया अभियुक्त ललित कुमार गोयल साल 2021 से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे चारबाग मेट्रो स्टेशन से बांसमंडी की तरफ जाने वाले रास्ते पर घेराबंदी कर पकड़ा।
पहचान छिपाने की कोशिश, ‘मस्से’ ने खुलवा दी पोल
पकड़े जाने के वक्त आरोपी ने खुद को ‘अभिषेक’ बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की और पुराने रिकॉर्ड से फोटो का मिलान किया, तो उसके माथे पर मौजूद मस्से के निशान ने उसकी सच्चाई बयां कर दी। अंततः उसने स्वीकार किया कि वही ललित कुमार गोयल है।
क्या था पूरा मामला?
दिसंबर 2021 में दिनकर प्रताप सिंह नामक व्यक्ति ने कैसरबाग थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि ललित गोयल और उसके साथी आयुष गुप्ता (असली नाम पीयूष) ने फर्जी बिजली बिल, पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक से लोन हासिल किया था। ललित ने बैंक में आयुष गुप्ता की गलत पहचान (Identity) की पुष्टि की थी और अपनी गारंटी पर फर्जी दस्तावेज लगवाए थे।
मुख्य आरोपी को लेकर कर रहा गुमराह
पूछताछ के दौरान ललित ने अपना गुनाह तो कबूल कर लिया, लेकिन वह इस केस के मुख्य आरोपी पीयूष उर्फ आयुष गुप्ता के बारे में सटीक जानकारी देने से बच रहा है। उसने बताया कि पीयूष नोएडा में कहीं छिपा है, लेकिन वह बार-बार पता बदलकर पुलिस को भ्रमित कर रहा है। पुलिस को संदेह है कि वह नोएडा में ही रहकर जांच में सहयोग नहीं कर रहा है।
पुलिस टीम की मुस्तैदी
इस कामयाबी में उपनिरीक्षक सीमा यादव, अरविंद कुमार और गौरव निर्भाकर की अहम भूमिका रही। आरोपी ललित कुमार गोयल, जो मूल रूप से इटावा का रहने वाला है, उसे अब कानूनी कार्यवाही के बाद जेल भेजा जा रहा है।
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