ईरान के खिलाफ ट्रंप के युद्ध पर भिड़े डेमोक्रेट और रिपब्लिकन, सैनिकों की मौत और बजट को लेकर तीखी बहस
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के खिलाफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई और गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के बजट को लेकर अमेरिकी संसद में बुधवार को जबरदस्त हंगामा हुआ। डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप पर बिना अनुमति के देश को युद्ध में झोंकने का आरोप लगाया है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार बताया है।
सदन के डेमोक्रेटिक नेताओं ने एक सुर में ट्रंप के इस कदम की आलोचना की। उनका कहना है कि संविधान के अनुसार युद्ध की घोषणा करने का अधिकार केवल कांग्रेस को है, राष्ट्रपति को नहीं। सांसद पीट अगुलार ने भावुक होते हुए कहा कि इस लापरवाह युद्ध में अब तक 6 अमेरिकी सैनिक अपनी जान गंवा चुके हैं। उन्होंने ट्रंप पर जनता से किया वादा तोड़ने का आरोप लगाया।
सांसद टेड लियू ने सवाल उठाया कि ईरान अब तक 11 अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर चुका है, ऐसे में वहां फंसे अमेरिकियों की रक्षा कैसे होगी? हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीज ने कहा कि ट्रंप ने बिना किसी ठोस सबूत या खतरे के देश को संघर्ष में धकेल दिया है, जो संविधान के खिलाफ है। वहीं दूसरी ओर, रिपब्लिकन सांसदों ने राष्ट्रपति के फैसले का पुरजोर समर्थन किया और डेमोक्रेट्स पर ही सुरक्षा को कमजोर करने का आरोप मढ़ दिया।
हाउस मेजॉरिटी लीडर स्टीव स्केलिस और टॉम एमर ने इस ऑपरेशन को शक्ति का साहसिक और आवश्यक कार्य बताया। उनका तर्क है कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के लिए खतरा बना हुआ है। स्पीकर माइक जॉनसन और लिसा मैक्लेन ने आरोप लगाया कि डेमोक्रेट्स ने गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के फंड को रोककर देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ विदेशी खतरा बढ़ रहा है और दूसरी तरफ विपक्ष सुरक्षा एजेंसियों का पैसा रोक रहा है।
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