Varanasi News: STF ने 50-50 हजार के दो इनामी गौ-तस्करों को किया गिरफ्तार, बिहार तक फैला था नेटवर्क

Varanasi News: उत्तर प्रदेश एसटीएफ को आज एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ की टीम ने चंदौली में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित और लंबे समय से फरार चल रहे दो अंतरराज्यीय गौ-तस्करों पदमा और सज्जाद को वाराणसी-प्रयागराज मार्ग पर औरई के पास से गिरफ्तार कर लिया है।

एसटीएफ फील्ड इकाई मेरठ के अपर पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन में एक विशेष टीम अपराधियों की तलाश में वाराणसी में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि 50,000 रुपये का इनामी पदमा और उसका साथी सज्जाद औरई लाला नगर टोल प्लाजा के पास देखे गए हैं। सूचना मिलते ही उप-निरीक्षक जयवीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने बिना देर किए दबिश दी और दोनों को दबोच लिया। पूछताछ में इन दोनों बदमाशों ने जो खुलासे किए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

तस्करी का नेटवर्क: ये आरोपी साल 2017 से ही सक्रिय हैं। वे पशुओं की पैठ (बाजारों) से गायें खरीदते थे और उनकी तस्करी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक करते थे।

गैंगस्टर एक्ट और इनाम: साल 2022 में चंदौली में इन पर गौ-तस्करी और शराब तस्करी का मामला दर्ज हुआ था। 2023 में जब इन पर गैंगस्टर एक्ट लगा, तब से ये फरार चल रहे थे, जिसके बाद प्रशासन ने इन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

गौकशी और अवैध हथियार: पदमा और सज्जाद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। ये पहले भी वाराणसी के रोहनिया थाने से जेल जा चुके हैं और इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट व आबकारी अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज हैं।

पूछताछ में पदमा ने बताया कि उसकी मुलाकात गौकशी करने वाले शमशाद के जरिए सज्जाद से हुई थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर अपना एक गिरोह बना लिया और बड़े पैमाने पर गौ-तस्करी व गौकशी की घटनाओं को अंजाम देने लगे। गिरफ्तार किए गए पदमा (निवासी बुलंदशहर) और सज्जाद (निवासी शामली) को चंदौली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फिलहाल दोनों को गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल भेजा जा रहा है और स्थानीय पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में जुट गई है।

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