LPG Shortage से बचने के लिए रेलवे की तैयारी, लागू होगा Flameless Kitchen सिस्टम
Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान-इजराइल युद्ध की विभीषिका का असर अब दुनिया के कई क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। इसी को देखते हुए भारतीय रेलवे भी LPG Shortage से निपटने के लिए अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव की दिशा में कदम उठा रहा है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन यानी आईआरसीटीसी अब धीरे-धीरे Flameless Kitchen सिस्टम की ओर शिफ्ट हो रहा है। आईआरसीटीसी के एजीएम आनंद कुमार झा ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि हाल के दिनों में बेस किचन को फ्लेमलेस सिस्टम की ओर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। रेलवे के मुताबिक वर्तमान में आईआरसीटीसी प्रतिदिन करीब 16 लाख लोगों को भोजन परोस रहा है और यह व्यवस्था फिलहाल बिना किसी बाधा के जारी है।
क्या है Flameless Kitchen सिस्टम
आनंद कुमार झा ने बताया कि बेस किचन में अब बड़ी मात्रा में खाना इलेक्ट्रिक इंडक्शन सिस्टम के जरिए तैयार किया जा रहा है। वर्तमान समय में लगभग 60 प्रतिशत भोजन इसी इलेक्ट्रिक सिस्टम पर बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दाल, चावल और कई सब्जियों की ग्रेवी इलेक्ट्रिक इंडक्शन पर पकाई जा रही है। इसके अलावा रोटी और कई अन्य व्यंजन भी इसी तरह के सिस्टम के जरिए तैयार किए जा रहे हैं, जिससे गैस पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है।
“फिलहाल LPG Shortage नहीं”
आईआरसीटीसी के एजीएम आनंद कुमार झा ने बताया कि बेस किचन में लगभग 1000 लोगों के भोजन के लिए औसतन एक गैस सिलेंडर की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि इसी हिसाब से एक बेस किचन में लगभग 25 सिलेंडर की जरूरत पड़ती है, हालांकि यह बेस किचन के आकार पर भी निर्भर करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल गैस की किसी तरह की कमी (LPG Shortage) नहीं है और भोजन व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही है।
सोलर सिस्टम अपनाने की तैयारी
दरअसल आईआरसीटीसी की ओर से भविष्य में वैकल्पिक ऊर्जा के इस्तेमाल की भी योजना बनाई जा रही है। आनंद कुमार झा के अनुसार बेस किचन की छतों पर सोलर पैनल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस योजना के तहत सोलर ऊर्जा के जरिए वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल कर भोजन तैयार किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने और भोजन व्यवस्था को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। जिससे संभावित LPG Shortage से बचा जा सकता है।
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