बांसी: ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पर बोले विधायक जय प्रताप सिंह- जनकल्याण ही सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को मिली घर की चाभी; एक तरफ उपलब्धियों का जश्न, दूसरी तरफ '9 दिवसीय मेला' के बैनर ने पैदा किया भ्रम
सिद्धार्थनगर/बांसी। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के सफल 9 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनपद के बांसी स्थित रानी लक्ष्मी विवाह वाटिका में ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ विषयक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बांसी विधायक एवं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

9 वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक जय प्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और सीडीओ बलराम सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विधायक जय प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून-व्यवस्था में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि और फसल बीमा जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज किसान और युवा सीधे मुख्यधारा से जुड़े हैं। जिलाध्यक्ष दीपक मौर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब ‘उत्तम प्रदेश’ बन चुका है, जहां दंगे बीते दौर की बात हो गए हैं।

लाभार्थियों के चेहरे पर खिली मुस्कान
इस अवसर पर मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत दर्जनों लाभार्थियों को उनके सपनों के घर की चाभी सौंपी गई। इसके अलावा स्वयं सहायता समूह और वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए। आयुष्मान योजना, पीएम सूर्यघर योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।

चर्चा में रहा ‘9 दिवसीय मेला’ का बैनर
जहां एक ओर मंच पर सरकार की गंभीर उपलब्धियों का बखान हो रहा था, वहीं कार्यक्रम के मुख्य बैनर ने लोगों के बीच कौतूहल और भ्रम पैदा कर दिया। बैनर पर “नवनिर्माण के 9 वर्ष” की जगह “9 दिवसीय मेला” लिखा जाना चर्चा का विषय बना रहा।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता और जनता इस बात को लेकर भ्रमित दिखे कि यह उपलब्धियों का उत्सव है या नौ दिनों तक चलने वाला कोई मेला। समर्थित कार्यकर्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सरकार के इतने बड़े और महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आयोजकों और जिम्मेदारों की यह लापरवाही सवालिया निशान खड़ी करती है। विधायक और जिलाध्यक्ष की मौजूदगी के बावजूद इस बड़ी चूक पर किसी का ध्यान न जाना प्रशासनिक सतर्कता पर भी प्रश्नचिह्न लगा गया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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