झूठी बातें फैलाने के बजाय अपने पर ध्यान दे पाकिस्तान, भारत ने लगाई लताड़
sandesh Wahak Digital Desk: पाकिस्तान (Pakistan) द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से जुड़े न्यायिक मामलों पर दिए गए बयान को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत इस बयान को स्पष्ट रूप से खारिज करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों या न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
रंधीर जायसवाल ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं है कि एक ऐसा देश, जो लंबे समय से आतंकवाद को प्रायोजित करता रहा है, इस तरह के बयान दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के बयान में निर्दोष लोगों की हत्या और हिंसा को जायज ठहराने की कोशिश की गई है, जो पूरी तरह अस्वीकार्य है।
आत्मचिंतन की सलाह
विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह झूठी बातें फैलाने और निराधार कथाओं को बढ़ावा देने के बजाय अपने देश में हो रहे गंभीर और व्यवस्थित मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान दे। भारत ने कहा कि पाकिस्तान को पहले अपने आंतरिक हालात पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
दखल बंद करने की चेतावनी
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करे और आतंकवाद के समर्थन से हाथ खींचे। भारत ने दोहराया कि इस तरह के बयान न केवल अनुचित हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए भी खतरा पैदा करते हैं।
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