Lucknow News: 34 लाख की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की मलिहाबाद पुलिस और डीसीपी उत्तरी की स्वाट/सर्विलांस टीम ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह देश भर के लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर करोड़ों का चूना लगा रहा था। पुलिस ने इनके पास से ₹34 लाख के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा किया है।
ऐसे हुआ गिरोह का खुलासा
साइबर क्राइम पोर्टल से प्राप्त बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस को सुमित कुमार नामक व्यक्ति के खाते में असामान्य लेनदेन दिखाई दिया। पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) के निर्देशन में जब मलिहाबाद पुलिस ने जांच की, तो परत दर परत ठगी का पूरा नेटवर्क सामने आ गया। पुलिस ने सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसके दो अन्य साथियों को शारदा नहर किनारे ढेढेमऊ से गिरफ्तार किया गया।
ठगी का हाईटेक तरीका
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से तकनीक का इस्तेमाल कर रहा था।
प्रलोभन: टेलीग्राम पर ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के लिंक भेजकर कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया जाता था।
मनी ट्रेल छुपाना: जैसे ही कोई शिकार जाल में फंसकर पैसा निवेश करता, गिरोह उस रकम को तुरंत कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देता था।
डिजिटल करेंसी: ट्रेसिंग से बचने के लिए ठगी की रकम को USDT (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था।
पहचान छुपाना: ये लोग अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
सुमित कुमार (25 वर्ष): निवासी खानपुर मऊ, काकोरी, लखनऊ।
अरबाज खान (30 वर्ष): निवासी कैंपबेल रोड, ठाकुरगंज, लखनऊ (इसका पुराना आपराधिक इतिहास भी है)।
छोटू मौर्य: निवासी ग्राम बहेरू, काकोरी, लखनऊ।
गिरोह का मुख्य सरगना “अल्फा” अभी पुलिस की पकड़ से दूर है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
बरामदगी और विधिक कार्रवाई
पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 03 मोबाइल फोन, एक स्कूटी और ₹1,800 नकद बरामद किए हैं। थाना मलिहाबाद में इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 111(2) और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

