जेवर का ‘क्रेडिट वॉर’: मायावती का बड़ा दावा, बोलीं- मेरी सरकार में ही तैयार हो गई थी एयरपोर्ट की रूपरेखा
Sandesh Wahak Digital Desk: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पहले चरण के भव्य उद्घाटन के साथ ही उत्तर प्रदेश में ‘सियासी टेकऑफ’ शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को किए गए उद्घाटन के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने इस परियोजना पर अपना दावा ठोंक दिया है। मायावती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की नींव और सभी बुनियादी खाके उनकी सरकार (2007-2012) के दौरान ही खींच लिए गए थे।
कांग्रेस ने अटकाए रोड़े, सपा ने बदला नाम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी एक कड़े बयान में मायावती ने तत्कालीन केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखे हमले किए। मायावती ने आरोप लगाया कि यदि उस समय केंद्र की कांग्रेस सरकार ने अड़चनें पैदा नहीं की होतीं, तो जेवर एयरपोर्ट का निर्माण यमुना एक्सप्रेसवे की तरह उनके कार्यकाल में ही पूरा हो गया होता।
समाजवादी पार्टी को घेरते हुए उन्होंने कहा कि सपा ने विकास करने के बजाय बसपा सरकार द्वारा दलितों और पिछड़ों के हित में लिए गए फैसलों को निष्क्रिय करने और महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों के नाम बदलने में अपनी ऊर्जा बर्बाद की। इसे उन्होंने ‘नकारात्मक और जातिवादी राजनीति’ करार दिया।
पश्चिमी यूपी के लिए ‘अलग राज्य’ का दांव
हवाई अड्डे के बहाने मायावती ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पुरानी भावनाओं को भी हवा दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की अलग बेंच और इस क्षेत्र को अलग प्रदेश बनाने का सपना आखिर कब पूरा होगा? उन्होंने जनता से अपील की कि वे विरोधियों के ‘छलावे’ में न आएं और बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की नीति तथा उनके ‘आयरन नेतृत्व’ पर भरोसा करें।
सियासी मायने
जानकारों का मानना है कि मायावती का यह बयान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दलित और पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक को यह याद दिलाने की कोशिश है कि प्रदेश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की शुरुआत बसपा के विजन का हिस्सा थी। जेवर एयरपोर्ट अब केवल एक विकास योजना नहीं, बल्कि साख की लड़ाई बन चुका है।
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