UP Politics: सांसद अवधेश प्रसाद बोले- हमने पंचायत में आरक्षण दिया, अब सरकार की नियति की परीक्षा
Sandesh Wahak Digital Desk: महिला आरक्षण कानून और लोकसभा की सीटों में प्रस्तावित बढ़ोतरी को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। 16 अप्रैल से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में केंद्र सरकार महिला आरक्षण में संशोधन से जुड़े ऐतिहासिक बिल पेश करने जा रही है। इस पर अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद की महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सपा महिलाओं के सम्मान की पक्षधर है, लेकिन भाजपा सरकार के इरादों पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।
नेताजी के समय से सपा ने किया सशक्तिकरण
सांसद अवधेश प्रसाद ने समाजवादी पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा “उत्तर प्रदेश में नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के नेतृत्व में ही पंचायत चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया गया था। उसी का परिणाम था कि मेरी पत्नी सोना देवी पहली बार जिला पंचायत अध्यक्ष बनी थीं।”
बिल पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हमें सरकार की नीति और नियति दोनों देखनी होगी, क्योंकि अक्सर दोनों में अंतर होता है। पहले भी कई बिल आए पर प्रभावी नहीं हो सके। हम इसके प्रावधानों की जांच करेंगे।”
संसद का ‘महा-प्लान’: 543 से 816 होंगी सीटें
सूत्रों के मुताबिक, 16 से 18 अप्रैल के बीच सदन में सीटों के परिसीमन और महिला आरक्षण पर बड़ी चर्चा होगी। लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है। नई व्यवस्था में 816 में से 273 सीटें (करीब एक-तिहाई) महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। सरकार अब नई जनगणना का इंतजार करने के बजाय 2011 के आंकड़ों के आधार पर ही परिसीमन कर आरक्षण लागू करने की तैयारी में है।
यूपी और बिहार में मचेगा चुनावी घमासान
नया कानून लागू होने पर हिंदी पट्टी के राज्यों में सीटों का गणित पूरी तरह बदल जाएगा।
उत्तर प्रदेश: सीटों की संख्या 80 से बढ़कर 120 हो जाएगी (देश में सबसे ज्यादा)।
बिहार: यहां सीटें 40 से बढ़कर 60 हो सकती हैं, जिनमें 20 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
Also Read: यूपी पंचायत चुनाव से पहले अखिलेश का मास्टरस्ट्रोक, बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी की तैयारी

