UP News: आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से 7 की मौत, CM योगी का आदेश- ’24 घंटे में मिले मुआवजा’
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में शनिवार को मौसम ने भीषण तबाही मचाई है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आए तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। सबसे ज्यादा तबाही कानपुर और आसपास के इलाकों में देखी गई, जहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारियों को प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर राहत राशि देने का सख्त निर्देश दिया है।
कानपुर बना ‘एपिसेंटर’, 200 पेड़ और 92 पोल धराशायी
शनिवार को आए तूफान ने कानपुर में सबसे ज्यादा कहर बरपाया। शहर में 21.4 मिमी बारिश के साथ आई आंधी में 200 से अधिक पेड़ उखड़ गए। बिजली के 92 पोल गिरने से कई इलाकों में घंटों आपूर्ति ठप रही। दिल्ली-हावड़ा, कानपुर-झांसी और कानपुर-फर्रुखाबाद रूट पर पेड़ गिरने से 22 से अधिक ट्रेनें बीच रास्ते में फंस गईं, जिन्हें कड़ी मशक्कत के बाद रवाना किया गया। राजधानी लखनऊ में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि झांसी में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है।
हादसों में गई 7 जानें, भाई-बहन भी शामिल
आंधी और पेड़ गिरने से हुए हादसों ने कई परिवारों को उजाड़ दिया।
कानपुर: अलग-अलग घटनाओं में 4 लोगों की मौत।
कासगंज: पेड़ गिरने से मासूम भाई-बहन की जान चली गई।
सीतापुर: दीवार गिरने से एक महिला की मौत हो गई।
फसलों पर फिरा पानी: किसान बेहाल
बुंदेलखंड और सेंट्रल यूपी के ग्रामीण इलाकों में तैयार खड़ी गेहूं, चना, सरसों और अरहर की फसलें बर्बाद हो गई हैं। बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और जालौन में ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
CM योगी सख्त: ‘लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) को तत्काल फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा जनहानि और पशुहानि होने पर परिजनों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। बर्बाद हुई फसलों का वास्तविक आकलन कर जल्द से जल्द राहत रिपोर्ट भेजी जाए। जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, वे नुकसान के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 पर जानकारी दें।
सावधान! 7 से 9 अप्रैल के बीच फिर आएगा तूफान
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 5 और 6 अप्रैल को मौसम कुछ शुष्क रह सकता है, लेकिन राहत स्थाई नहीं है। 7 से 9 अप्रैल के दौरान प्रदेश में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे फिर से आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है।

