लखनऊ में ‘नकली सिगरेट’ के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़, 10 लाख का माल और लग्जरी कार जब्त
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ की क्राइम ब्रांच और पारा थाना पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में नकली सिगरेट तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पारा के जीरो प्वाइंट इलाके में घेराबंदी कर पुलिस ने एक वरना कार से भारी मात्रा में नकली सिगरेट के बंडल बरामद किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत 10 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में मध्य प्रदेश के मुरैना के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो दिल्ली से माल लाकर यूपी और बिहार के बाजारों में खपाते थे।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देश पर लखनऊ पुलिस इन दिनों अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है। शनिवार शाम मुखबिर से सूचना मिली कि एक ग्रे रंग की वरना कार में बड़ी मात्रा में नकली सिगरेट की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही डीसीपी (क्राइम) अनिल कुमार यादव और एडीसीपी किरन यादव की टीम सक्रिय हुई और पारा पुलिस के साथ मिलकर जीरो प्वाइंट पर जाल बिछाया।
मुरैना के दो सगे भाई गिरफ्तार, दिल्ली से जुड़ा है कनेक्शन
पुलिस ने मौके से 3,940 डिब्बी नकली सिगरेट बरामद की। गिरफ्तार तस्करों की पहचान शादाब अली (30) और शोएब अली (32) के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से मध्य प्रदेश के मुरैना (गणेशपुरा) के रहने वाले हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये तस्कर दिल्ली के सदर बाजार से सस्ते दामों पर नकली सिगरेट खरीदते थे और फिर उन्हें मोबाइल फोन के जरिए मिले ऑर्डर्स पर लखनऊ, यूपी के अन्य जिलों और बिहार में ऊंचे दामों पर बेचते थे।
वर्ना कार जब्त, कॉपीराइट एक्ट के तहत मुकदमा
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही ग्रे रंग की वरना कार (MP07 CH 5106) को भी जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ थाना पारा में निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
कॉपीराइट एक्ट
ट्रेडमार्क अधिनियम
COTPA (सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम)
अभी और भी होंगे बड़े खुलासे!
लखनऊ पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जिसका नेटवर्क दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार तक फैला हुआ है। पुलिस अब इन तस्करों के स्थानीय संपर्कों और दिल्ली के मुख्य सप्लायरों की तलाश में जुटी है। जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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