अरुणाचल प्रदेश: CM पेमा खांडू के परिवार पर CBI का शिकंजा, 1270 करोड़ के ठेकों की होगी जांच

Sandesh Wahak Digital Desk: अरुणाचल प्रदेश की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब उच्चतम न्यायालय ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिजनों से जुड़ी कंपनियों को दिए गए करोड़ों के ठेकों की जांच CBI को सौंप दी। कोर्ट ने केंद्रीय एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह 1,270 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच कर 16 हफ्तों के भीतर स्थिति रिपोर्ट (Status Report) दाखिल करे।

10 साल के रिकॉर्ड खंगालेगी सीबीआई

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश सुनाते हुए स्पष्ट किया। 1 जनवरी 2015 से 31 दिसंबर 2025 तक अरुणाचल प्रदेश में आवंटित सभी सार्वजनिक कार्यों, ठेकों और वर्क ऑर्डर्स की सूक्ष्मता से जांच की जाएगी। सीबीआई को इस आदेश के दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच (PE) दर्ज करने और कानून के अनुसार आगे बढ़ने का निर्देश दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

याचिकाकर्ता एनजीओ ‘सेव मोन रीजन फेडरेशन’ और ‘वॉलंटरी अरुणाचल सेना’ की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने दलीलें पेश कीं। आरोप है कि पिछले 10 वर्षों में लगभग 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके मुख्यमंत्री खांडू के परिजनों (उनकी सौतेली मां रिंचिन ड्रेमा और भतीजे त्सेरिंग ताशी) से जुड़ी चार कंपनियों को दिए गए। याचिका में विशेष रूप से ड्रेमा की कंपनी ‘ब्रांड ईगल्स’ का जिक्र किया गया है, जिसे नियमों को ताक पर रखकर बड़े ठेके देने का दावा किया गया है।

राजनीतिक विरासत और कानूनी घेरा

पेमा खांडू के पिता दोरजी खांडू भी 2007 से 2011 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। याचिका में परिवार के रसूख का इस्तेमाल कर व्यापारिक लाभ लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, राज्य सरकार के वकील ने इसे ‘प्रायोजित मुकदमा’ (Sponsored Litigation) बताया था, लेकिन कोर्ट ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच का आदेश दिया है।

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