Lucknow News: जमीन हड़पने के लिए ‘फर्जी पिता’ बनाकर रचा खेल, मास्टरमाइंड सालिकराम गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने और कानून की आंखों में धूल झोंकने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी बेटे ने अपनी पैतृक जमीन बेचने के लिए अपने ससुर के बड़े भाई को अपना ‘फर्जी पिता’ बनाकर खड़ा कर दिया और लाखों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की टीम ने इस सुनियोजित साजिश के मास्टरमाइंड सालिकराम को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। अभियुक्त सालिकराम का पिता गंगादीन वर्षों पहले घर छोड़कर चला गया था। उसकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए सालिकराम ने अपने ससुर के बड़े भाई गुरुदयाल को लालच देकर ‘गंगादीन’ के रूप में रजिस्ट्रार ऑफिस में पेश किया।
इस फर्जी बैनामे को वैध दिखाने के लिए खुद सालिकराम और उसकी पत्नी संगीता देवी ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए। इस फर्जीवाड़े के जरिए जमीन पहले सह-अभियुक्तों के नाम कराई गई, जिन्होंने आगे इसे शिकायतकर्ता गुड्डी देवी को सस्ते का लालच देकर बेच दिया। गुड्डी देवी से करीब 4 लाख रुपये हड़प लिए गए, लेकिन उन्हें न तो जमीन मिली और न ही कब्जा।
भाई की आपत्ति से खुला राज
धोखाधड़ी का यह घिनौना खेल तब सामने आया जब सालिकराम के भाई शम्भू दयाल ने इस बैनामे पर आपत्ति दर्ज कराई। जांच के बाद पता चला कि पूरी रजिस्ट्री फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के आधार पर की गई थी। इसके बाद गुड्डी देवी की शिकायत पर पुलिस ने जाल बिछाया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र सिंह सेंगर के निर्देश और डीसीएपी दक्षिणी अमित आनंद के पर्यवेक्षण में मोहनलालगंज इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी की टीम ने मुखबिर की सूचना पर आज मास्टरमाइंड सालिकराम (45 वर्ष) को उसके गांव अहमदपुर आजमअली से धर दबोचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी और कूटनीति से जुड़ी BNS की कड़ी धाराएं (318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2)) बढ़ा दी हैं। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य अभियुक्तों (सुनील, सत्येन्द्र और फर्जी पिता बने गुरुदयाल) की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

