‘इंटरपोल की रडार पर वाराणसी का तस्कर’, शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी

Sandesh Wahak Digital Desk:  वाराणसी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीन कफ सीरप की तस्करी के मामले में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। इस नेटवर्क के मुख्य सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ इंटरपोल (Interpol) ने ‘रेड कार्नर नोटिस’ जारी कर दिया है। वर्तमान में दुबई (UAE) में फरारी काट रहे शुभम की गिरफ्तारी और उसे भारत लाने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है।

रोहनिया पुलिस और CBI की संयुक्त बड़ी जीत

वाराणसी कमिश्नरेट के थाना रोहनिया में 19 नवंबर 2025 को कोडीन कफ सीरप की एक बड़ी खेप बरामद की गई थी। जांच में शुभम जायसवाल का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। रोहनिया पुलिस ने इस मामले में गहन छानबीन करते हुए 12 फरवरी 2026 को न्यायालय में आरोप पत्र (Charge Sheet) दाखिल कर दिया था। चूंकि शुभम देश छोड़कर दुबई भाग गया था, इसलिए उसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस के लिए आवेदन दिया गया था। सीबीआई के समन्वय से अब यह नोटिस प्राप्त हो चुका है।

कौन है शुभम जायसवाल?

शुभम जायसवाल वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के कायस्थ टोला (प्रहलाद घाट) का निवासी है। वह लंबे समय से नशीली दवाओं और प्रतिबंधित कफ सीरप की तस्करी के सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। पुलिस इस मामले में पहले ही एक दर्जन से अधिक आरोपियों को जेल भेज चुकी है।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू

रेड कार्नर नोटिस जारी होने का अर्थ है कि अब यूएई की सुरक्षा एजेंसियां शुभम को वहां गिरफ्तार कर सकती हैं। भारतीय एजेंसियां उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही हैं। जल्द ही उसे दुबई से भारत लाकर वाराणसी के न्यायालय में पेश किया जाएगा।

अपराधियों के लिए अब कहीं जगह नहीं

वाराणसी पुलिस प्रशासन की इस तत्परता ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी चाहे सात समंदर पार भी क्यों न भाग जाए, कानून के हाथ वहां तक पहुँचेंगे। यह कदम न केवल नशे के कारोबारियों की कमर तोड़ेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की जांच एजेंसियों की धमक भी मजबूत करेगा।

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