पवन खेड़ा को मिली एक हफ्ते की अंतरिम जमानत, हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर लगाए थे गंभीर आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: पिछले चार दिनों से कानूनी मुश्किलों में घिरे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के लिए राहत भरी खबर आई है। अदालत ने उन्हें एक सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि नियमित जमानत पाने के लिए उन्हें तय समय के भीतर संबंधित सक्षम अदालत में आवेदन करना होगा।
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी सरमा पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा का दावा था कि रिनिकी सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं और उनके पास इसे साबित करने वाले दस्तावेज भी मौजूद हैं। उन्होंने इसे आजाद भारत की राजनीति का एक बड़ा स्कैंडल करार दिया था।
हैदराबाद में तलाश और कानूनी पैंतरेबाजी
पवन खेड़ा 7 अप्रैल से ही जांच एजेंसियों की पहुंच से दूर थे। असम पुलिस और दिल्ली पुलिस की टीमें जब उनके घर पहुँचीं, तो वे वहां नहीं मिले। इस बीच, खेड़ा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने खुद को हैदराबाद का निवासी बताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की। जानकारों का मानना है कि तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार होने और वहां उनके पारिवारिक संबंधों के कारण उन्होंने वहां से राहत पाने की कोशिश की।
हिमंता बिस्वा सरमा का पलटवार
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठ और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा, जो व्यक्ति पहले गिरफ्तारी की चुनौती दे रहा था, वह अब जांच के डर से हैदराबाद में छिपा बैठा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि वे और उनकी पत्नी अगले 48 घंटों के भीतर पवन खेड़ा के खिलाफ आपराधिक और दीवानी मानहानि का केस दर्ज करेंगे।

