पंकज शुक्ला हत्याकांड: UP STF ने दो मुख्य शूटरों को दबोचा, मुंबई भागने की फिराक में थे विवेक और विपिन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने प्रतापगढ़ जनपद के अंतू थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पंकज शुक्ला हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अभियुक्त विवेक पाण्डेय और विपिन तिवारी घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे और कानून के शिकंजे से बचने के लिए मुंबई भागने की तैयारी में थे।
चेक पोस्ट के पास घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ लखनऊ की टीम को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी जनपद छोड़कर भागने की फिराक में हैं। इस सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक (STF) दीपक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण और उ.नि. हरीश कुमार सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से किठावर-अमेठी मार्ग पर चेक पोस्ट के पास घेराबंदी की। शुक्रवार को पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को उस वक्त दबोच लिया जब वे निकलने की कोशिश कर रहे थे।
हत्या की वजह: पुराना जमीनी विवाद
एसटीएफ की पूछताछ में मुख्य अभियुक्त विवेक पाण्डेय ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि विवेक पाण्डेय और मृतक पंकज शुक्ला के बीच लंबे समय से जमीनी विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 4 अप्रैल 2026 को विवेक ने अपने साथियों विपिन तिवारी, शिवशंकर और विकास के साथ मिलकर पंकज शुक्ला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद से ये लोग छिपते-फिर रहे थे और आज मुंबई भागने के लिए वाहन का इंतजार कर रहे थे।
विवेक पाण्डेय: अंतू का ‘हिस्ट्रीशीटर’ अपराधी
गिरफ्तार विवेक पाण्डेय का लंबा आपराधिक इतिहास है। उस पर पहले से ही अंतू और लालगंज थानों में एससी/एसटी एक्ट, जानलेवा हमला (308), चोरी और आर्म्स एक्ट के 7 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह इलाके में लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
इस सफल ऑपरेशन में उ.नि. हरीश कुमार सिंह, उ.नि. तेज बहादुर सिंह, मुख्य आरक्षी देवेंद्र प्रताप, विनोद यादव, पवन कुमार, सूरज और सुनील ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गिरफ्तार अभियुक्तों को अंतू पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा रहा है।

