Prayagraj News : Canara Bank में करोड़ों का गोल्ड लोन घोटाला, असली बताकर गिरवी रखा नकली सोना
Canara Bank Gold Loan Scam : प्रयागराज जिले में स्थित केनरा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक शातिर सिंडिकेट ने बैंक अधिकारियों को झांसे में रखकर नकली सोने के बदले लाखों रुपये का लोन डकार लिया। इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बैंक द्वारा गिरवी रखे गए आभूषणों की पुनः जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि 18 अलग-अलग गोल्ड लोन खातों के माध्यम से बैंक को वित्तीय क्षति पहुँचाई गई है, जिसमें जमा किया गया सोना पूरी तरह से फर्जी निकला।
करोड़ों की चपत और फर्जी अप्रेजल रिपोर्ट
इस सुनियोजित ठगी को अंजाम देने के लिए जालसाजों ने गोल्ड अप्रेजल रिपोर्ट का सहारा लिया था। शुरुआती दौर में गोल्ड वैल्यूअर की रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने 16 व्यक्तियों को कुल 57,19,800 रुपये का ऋण आवंटित कर दिया था। समय पर किश्तें न चुकाने और ब्याज दरें जुड़ने के कारण यह पूरी रकम अब बढ़कर 64 लाख रुपये से अधिक हो गई है। बैंक की आंतरिक जांच में जब सोने की शुद्धता संदिग्ध पाई गई, तो विशेषज्ञों की टीम ने इसकी पुष्टि की कि गिरवी रखा गया सारा सामान नकली है।
लंबी जांच के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कानूनी प्रक्रिया की बात करें तो बैंक प्रबंधन ने इस धोखाधड़ी के संबंध में जुलाई 2025 में ही पुलिस को शिकायत पत्र सौंप दिया था। लंबी प्रारंभिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद, 10 अप्रैल 2026 को पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए औपचारिक एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने इस प्रकरण में 16 नामजद आरोपियों सहित कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह एक अंतर-जनपदीय गिरोह हो सकता है, जिसने संभवतः अन्य जिलों की बैंक शाखाओं में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है।
फिलहाल, पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा और स्थानीय पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र गोल्ड अप्रेजर की भूमिका पर भी टिका है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने बिना किसी संदेह के इतना बड़ा लोन जारी कर दिया। पुलिस जल्द ही इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की बैंकिंग धोखाधड़ी पर लगाम लगाई जा सके।

