नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन, पुलिस की गाड़ी पलटी
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेज-2 इलाके में सोमवार को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। मदरसन कंपनी के पास जुटे हजारों कर्मचारियों ने उग्र होकर पुलिस की गाड़ी में न सिर्फ तोड़फोड़ की, बल्कि उसे बीच सड़क पर पलट भी दिया। कर्मचारियों का यह प्रदर्शन आज लगातार चौथे दिन भी जारी है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
क्यों भड़के कर्मचारी? (प्रमुख मांगें)
पिछले तीन-चार दिनों से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सोमवार को यह आक्रोश हिंसा में बदल गया।
न्यूनतम वेतन: सैलरी को ₹13,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करना।
ओवरटाइम: काम के अतिरिक्त घंटों (Overtime) का उचित भुगतान।
अवकाश: छुट्टियों के लिए अलग और स्पष्ट प्रावधान की मांग।
सड़कों पर प्रदर्शन: यातायात ठप
सोमवार सुबह कर्मचारी कुलेसरा से फेज-2 तक मार्च निकालते हुए एकत्र हुए। सेक्टर-60 और फेज-2 के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा दिया। आक्रोशित कर्मचारी कई जगह सड़कों पर गाड़ियों के आगे लेट गए, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के हिंसक होने के कारण पुलिस वाहन को भारी नुकसान पहुँचाया गया।
आम जनता और दफ्तर जाने वाले परेशान
इस हंगामे और चक्का जाम के कारण नोएडा के कई इलाकों में भीषण ट्रैफिक जाम लग गया। दफ्तर जाने वाले लोग घंटों सड़कों पर फंसे रहे। खासकर फेज-2, सेक्टर-60 और कुलेसरा के आसपास के रास्तों पर यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और अधिकारी बातचीत के जरिए मामला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं।

