Balrampur News: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी पीडब्ल्यूडी की सड़क, हाथों से उखड़ रही गिट्टियां

​Sandesh Wahak Digital Desk: ​बलरामपुर जिले में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला जरवा-बालापुर मार्ग का है, जहाँ लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड द्वारा बनाई गई सड़क निर्माण के एक हफ्ते के भीतर ही बदहाल होने लगी है। इस घटिया निर्माण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता अपने हाथों से सड़क की गिट्टियां उखाड़कर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

​90 लाख का बजट, फिर भी बदहाली

मिली जानकारी के अनुसार, इस मार्ग की सामान्य मरम्मत के लिए पिछले साल मार्च में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई थी। लगभग 90 लाख रुपये की लागत से करीब एक सप्ताह पहले ही निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन ठेकेदार और विभागीय सांठगांठ का आलम यह है कि सड़क की ऊपरी सतह में तारकोल (डामर) की मात्रा इतनी कम है कि गिट्टियां सड़क से जुड़ ही नहीं पा रही हैं।

​ग्रामीणों में भारी आक्रोश

क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क करीब 5-6 सालों के लंबे इंतजार के बाद बननी शुरू हुई थी, लेकिन जिस तरह का काम हो रहा है, उससे लगता है कि यह 15 दिन भी नहीं टिक पाएगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रैक्टर या भारी वाहनों के गुजरते ही सड़क पूरी तरह उजड़ जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

​विभागीय चुप्पी पर सवाल

अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस भ्रष्टाचार पर कोई संज्ञान लेंगे? क्या संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा या फिर ‘कमीशनखोरी’ के इस खेल में जनता की गाढ़ी कमाई यूं ही बर्बाद होती रहेगी? फिलहाल, वायरल वीडियो ने विभाग की साख पर बट्टा लगा दिया है।

इस मामले में जब ‘संदेश वाहक‘ के रिपोर्टर ने अधिशासी अभियंता कुमार शैलेंद्र से संपर्क करना चाहा तो शैलेंद्र का फोन नहीं उठा। इसलिए उनका पक्ष शामिल नहीं किया जा सका है

रिपोर्ट: योगेंद्र त्रिपाठी

 

Also Read: भाजपा का भ्रष्टाचार सुरसा का मुंह है, मेरठ से शुरू होगा नया आर्थिक स्वतंत्रता आंदोलन: अखिलेश यादव

Get real time updates directly on you device, subscribe now.