कुशीनगर: मुसहर समाज के विकास के लिए बनेगा ‘विशेष रोडमैप’, डीएम बोले- एक माह में दिलाएं पट्टों पर कब्जा
Kushinagar News: जनपद के सबसे पिछड़े और वंचित मुसहर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुसहर समाज के उत्थान के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मुसहर परिवारों को पूर्व में भूमि पट्टा आवंटित किया जा चुका है, उन्हें एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से कब्जा दिलाया जाए।
बिहार की तर्ज पर ‘विशेष श्रेणी’ की मांग
बैठक के दौरान मुसहर समाज के प्रतिनिधि राजू और दुर्गा देवी ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उनकी सबसे बड़ी मांग यह थी कि बिहार राज्य की भांति उत्तर प्रदेश में भी मुसहर समाज को विशेष श्रेणी में रखा जाए, ताकि उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में विशेष आरक्षण और लाभ मिल सके। इसके अलावा प्रतिनिधियों ने निम्नलिखित मांगें उठाईं।
शिक्षा व आवास: उच्च शिक्षा के लिए आवासीय सुविधा और जर्जर आवासों के स्थान पर नए पक्के मकान।
दस्तावेज: छूटे हुए परिवारों के आधार कार्ड बनवाने और परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज करना।
रोजगार: युवा उद्यमी योजनाओं में प्राथमिकता और भूमिहीन परिवारों को जमीन का पट्टा।
15 परिवारों का बनेगा ‘क्लस्टर’, मिलेंगी सभी सुविधाएं
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने समाज को आश्वस्त किया कि प्रशासन प्रत्येक पात्र परिवार को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने एक नई पहल की घोषणा करते हुए बताया कि “मुसहर परिवारों के लिए एक विशेष रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत लगभग 15 परिवारों के समूह (क्लस्टर) बनाए जाएंगे, जहां बिजली, पानी, सड़क जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध कराई जाएंगी।”
मैपिंग का कार्य पूर्ण, अब योजनाओं की बारी
डीएम ने बताया कि जिले के सभी मुसहर परिवारों की डिजिटल मैपिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब इसी डेटा के आधार पर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से सीधा जोड़ा जाएगा। कुड़वा दिलीप नगर और दोघरा जैसी ग्राम सभाओं में लंबित चकबंदी प्रकरणों पर डीएम ने अगली बैठक में विस्तार से समीक्षा कर समाधान का भरोसा दिया। जिन भूमि विवादों के मामले कोर्ट में लंबित हैं, उनमें प्रशासन प्रभावी पैरवी कर शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कराएगा।
अधिकारियों को संवेदनशीलता के निर्देश
जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक (DRDA) और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुसहर समाज के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ‘संवेदनशीलता और तत्परता’ के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य करने की हिदायत दी।
रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल
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