सम्राट चौधरी का विपक्ष से सवाल, राहुल की बहन और अखिलेश की पत्नी सांसद बन सकती हैं, पर गरीब की बेटी क्यों नहीं

Sandesh Wahak Digital Desk: लोकसभा में महिला आरक्षण संविधान संशोधन विधेयक के गिर जाने के बाद अब इस पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस, राजद (RJD) और समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने देश की करोड़ों महिलाओं के साथ ऐतिहासिक विश्वासघात किया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्ष के शीर्ष नेताओं को निशाने पर लेते हुए परिवारवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, कि राहुल गांधी की बहन (प्रियंका गांधी) सांसद बन सकती हैं और अखिलेश यादव की पत्नी (डिंपल यादव) चुनाव जीत सकती हैं, लेकिन ये दल नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश या बिहार की गरीब महिलाएं और सामान्य घरों की बेटियां सदन तक पहुँचें। सम्राट चौधरी ने याद दिलाया कि राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पहले भी सदन में बिल फड़वाने का काम कर चुके हैं और इस बार भी विपक्ष ने ‘खुल्लम-खुल्ला’ महिला विरोधी चेहरा दिखाया है।

बिहार में महिला प्रतिनिधित्व का गणित

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आंकड़ों के साथ बताया कि इस विधेयक के पारित न होने से बिहार को क्या नुकसान हुआ है। बिहार में अभी मात्र 29 महिला विधायक और 4 महिला सांसद हैं। यदि यह संविधान संशोधन विधेयक 16 या 17 अप्रैल को पारित हो जाता, तो बिहार में महिला विधायकों की संख्या बढ़कर 122 और महिला सांसदों की संख्या 20 हो जाती।

विपक्ष ने अटकाए रोड़े, भाजपा चलाएगी अभियान

सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि जब भी पिछड़ों या महिलाओं के आरक्षण की बात आती है, कांग्रेस और राजद हमेशा रोड़ा अटकाते हैं। लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली बार देखा गया कि किसी महत्वपूर्ण विधेयक के गिरने पर कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा के नेता खुशियां मना रहे हों। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में जन-जागरण अभियान चलाएगी और जनता के बीच जाकर विपक्षी नेताओं के इस ‘धोखे’ का जवाब मांगेगी।

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