लखनऊ के 8 नामी प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज, मनमानी फीस वसूली पर 5 लाख तक के जुर्माने का नोटिस
Lucknow News: लखनऊ में अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। राजधानी के आठ नामचीन प्राइवेट स्कूलों को जिला शुल्क नियामक समिति ने तय मानकों से अधिक फीस वसूलने के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। गुरुवार को जिलाधिकारी (डीएम) विशाख जी की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक के बाद यह कार्रवाई की गई। समिति ने साफ चेतावनी दी है कि यदि स्कूलों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो उन पर 5 लाख रुपये तक का तगड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है। इन सभी स्कूलों को अपना पक्ष रखने के लिए 1 जून तक का समय दिया गया है।
28 शिकायतों की जांच में पकड़ी गई धांधली
दरअसल, प्रशासन को 20 निजी स्कूलों के खिलाफ अवैध रूप से फीस बढ़ाने की कुल 28 शिकायतें मिली थीं। जब इन शिकायतों की जांच की गई, तो 8 स्कूलों का दोष सही पाया गया। कार्रवाई के डर से इनमें से दो स्कूलों ने कमेटी के सामने अपनी गलती कुबूल कर ली है और वसूली गई अतिरिक्त फीस को अगले महीने के शुल्क में एडजस्ट (समायोजित) करने का वादा किया है।
यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम के तहत की गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राकेश कुमार के मुताबिक, जिन स्कूलों को नोटिस थमाया गया है, उनमें ये नाम शामिल हैं।
एलन हाउस पब्लिक स्कूल
सेठ एमआर जयपुरिया (गोयल कैम्पस, अयोध्या रोड)
ब्राइट वे इंटर कॉलेज (जानकीपुरम)
सेंट डोमिनिक इंटर कॉलेज
सीलवती आइडियल पब्लिक स्कूल (रामनगर)
आश्रम एकेडमी (कृष्णानगर)
हुकुम सिंह मेमोरियल इंटर कॉलेज (इन्दिरानगर)
केजे मॉडर्न पब्लिक स्कूल
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