होर्मुज पर ईरान का बड़ा बयान, सेवाओं के लिए शुल्क संभव, टोल वसूली से इनकार

Sandesh Wahak Digital Desk : ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा है कि इस अहम समुद्री मार्ग का प्रबंधन तटीय देशों के अधिकार क्षेत्र में आता है और यहां किसी तरह का टोल नहीं वसूला जाएगा। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि जहाजों को दी जाने वाली सेवाओं के लिए उचित शुल्क लिया जाना सामान्य प्रक्रिया है।

सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बाघेई ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित देशों के साथ लगातार संपर्क में है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।

अमेरिका-ईरान वार्ता पर संशय, इजरायल की भूमिका पर जताई आशंका

ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका के साथ संभावित समझौते को लेकर सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिबद्धताओं की कोई गारंटी नहीं है और ईरान किसी भी तरह की धमकी से प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने बताया कि मौजूदा बातचीत में फिलहाल परमाणु मुद्दा शामिल नहीं है और फोकस संघर्ष समाप्त करने पर है।

बाघेई ने यह भी आशंका जताई कि इजरायल इस बातचीत को कमजोर करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के अलावा अन्य देशों की मध्यस्थता भी इस प्रक्रिया में शामिल हुई है और बातचीत में लेबनान संघर्ष खत्म करने से जुड़ा प्रावधान भी शामिल है।

भारत दौरे पर रूबियो ने भी दिए समझौते के संकेत

इसी बीच भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी संकेत दिए कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर जल्द कोई बड़ी खबर सामने आ सकती है। उन्होंने कहा कि रविवार को दोनों देशों के बीच समझौता नहीं हो सका, लेकिन इसे असामान्य नहीं माना जाना चाहिए।

रूबियो के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के सामने एक मजबूत प्रस्ताव रखा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर तय समय सीमा के भीतर गंभीर बातचीत का प्रस्ताव शामिल है।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.