21 पुलिसकर्मियों की मौत के बाद भड़के लोग, आसिम मुनीर के खिलाफ लगे ‘मुर्दाबाद’ के नारे
Asim Munir: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में निर्माणाधीन मांगी बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस दल पर हुए हमले में 21 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। घटना के बाद जब सभी शव क्वेटा के सिविल अस्पताल लाए गए तो वहां माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बड़ी संख्या में पहुंचे परिजनों और स्थानीय लोगों ने पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर और सेना के खिलाफ नारेबाजी की। कई जगह ‘आसिम मुनीर मुर्दाबाद’ और पाकिस्तानी सेना विरोधी नारे भी सुनाई दिए।
शव सौंपने को लेकर परिजनों का विरोध
जानकारी के अनुसार, जियारत जिले में मंगलवार को हमलावरों ने पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। मृतकों में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। अस्पताल पहुंचे परिजनों का आरोप था कि सुरक्षाकर्मी शवों को परिवारों को सौंपने के बजाय पुलिस लाइन ले जाना चाहते थे। इससे नाराज लोगों ने शव अपने हवाले करने और इंसाफ मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की मांग की। इसी दौरान अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया।
15 संदिग्ध ढेर, हाईवे पर भी प्रदर्शन
बलूचिस्तान प्रशासन के मुताबिक, हमले के बाद सुरक्षा बलों ने जियारत इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाकर तहरीक-ए-पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) के 15 संदिग्धों को मार गिराया। घटना के विरोध में राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी प्रदर्शन हुए।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने हमले की निंदा करते हुए शहीद पुलिसकर्मियों को देश का गौरव बताया। अधिकारियों के अनुसार, मांगी बांध परियोजना क्वेटा में पेयजल संकट दूर करने के लिए बनाई जा रही है। अफगानिस्तान और ईरान सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से अशांति बनी हुई है और कई उग्रवादी संगठन अधिक स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं।
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