एसएसपी ने गूगल मीट पर ली डेली समीक्षा बैठक, अपराधियों पर नकेल कसने के लिए यक्ष और त्रिनेत्र ऐप का सहारा लेने के निर्देश
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद बनाने तथा पुलिसिंग को परिणामोन्मुख करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने सोमवार की रात एक बड़ी डिजिटल बैठक की। सोमवार रात 8:00 बजे आयोजित इस समीक्षा गोष्ठी में गूगल मीट के जरिए जिले के सभी पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, प्रभारी निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कोर्ट पैरोकार और डाक मुंशी शामिल हुए। इस हाईटेक मीटिंग के दौरान एसएसपी ने अपहरण/व्यपहरण के लंबित मुकदमों की गहन समीक्षा की और अदालती आदेशों के पालन के लिए बनाई गई मानक संचालन प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।
कप्तान अनुराग आर्य ने अपराधियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पूरे जिले में वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए 4 दिवसीय विशेष अभियान चलाने का हुक्म दिया है। इसके तहत सभी सीओ और थाना प्रभारियों को प्रतिदिन का टारगेट दिया गया है, जिसकी मॉनिटरिंग के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि सम्मन, जमानती और गैर-जमानती वारंटों का शत-प्रतिशत तामीला सुनिश्चित किया जाए।
यक्ष और त्रिनेत्र ऐप से होगी अपराधियों की डिजिटल घेराबंदी
आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर देते हुए एसएसपी ने यक्ष ऐप और त्रिनेत्र ऐप के अधिकतम उपयोग की हिदायत दी। उन्होंने निर्देश दिया कि गोकशी, डकैती और लूट समेत 21 गंभीर श्रेणियों के पेशेवर अपराधियों का डेटा यक्ष ऐप पर तुरंत अपडेट किया जाए। साथ ही त्रिनेत्र ऐप के माध्यम से अपराधियों का डिजिटलीकरण और उनकी प्रोफाइलिंग की जाए, ताकि उनकी लोकेशन आधारित मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैकिंग आसानी से हो सके।
समीक्षा बैठक के 5 सबसे महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
अपराधियों पर नजर: हिस्ट्रीशीटरों, गैंगस्टरों और आदतन अपराधियों की नियमित निगरानी की जाए। जमानत अर्जी के समय आरोपी का पूरा क्रिमिनल बैकग्राउंड निर्धारित प्रारूप में कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
फास्ट ट्रैक कोर्ट: फास्ट ट्रैक अदालतों में लंबित मामलों में पुलिस की तरफ से प्रभावी पैरवी की जाए, ताकि पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
थाना स्तर पर औचक निरीक्षण: सभी क्षेत्राधिकारी अपने-अपने सर्किल के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकियों का वार्षिक निरीक्षण तय समय सीमा के भीतर पूरा करें।
जनसुनवाई पर फोकस: थानों पर आने वाली जनशिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर न हो, बल्कि उसमें निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता दिखाई देनी चाहिए।
जवाबदेही तय: लंबित विवेचनाओं और अदालती कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी।
एसएसपी बरेली ने अंत में सभी मातहतों को निर्देशित किया कि पुलिस का मुख्य ध्येय आम जनता को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण न्याय दिलाना है। सभी अधिकारी पूर्ण निष्ठा, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें ताकि जिले में अमन-चैन का माहौल कायम रहे।
रिपोर्ट- रंजीत बिसारिया
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