‘बूचड़खानों से चंदा, गौमाता पर चुप्पी’, अविमुक्तेश्वरानंद का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला
UP News: 81 दिनों की गोरक्षा यात्रा पर निकले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) ने एक बार फिर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया। करहल क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि जिन दलों ने गाय के सम्मान और संरक्षण को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था, वही आज गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें गौसंरक्षण को लेकर गंभीर नहीं हैं, जबकि देश में लंबे समय से गाय को विशेष सम्मान प्राप्त है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग कोई नई नहीं है। भारतीय परंपरा और धार्मिक ग्रंथों में गाय को माता का स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार देश ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित किया, उसी तरह गाय को भी आधिकारिक रूप से राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए।
बेरोजगारी और महंगाई का भी उठाया मुद्दा
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं की नाराजगी, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि सरकार को इन मुद्दों पर अधिक गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं में बढ़ती असंतुष्टि नई राजनीतिक सोच और नए संगठनों के उभरने की वजह बन रही है।
गो संरक्षण केंद्र बनाने की योजना

शंकराचार्य ने बताया कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौसंरक्षण नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा में जनसहयोग से गो संरक्षण केंद्र स्थापित करने की योजना है। इसके लिए लोगों से स्वैच्छिक सहयोग लिया जाएगा और केंद्रों का संचालन समाज की भागीदारी से किया जाएगा।
गोरक्षा यात्रा के दौरान शंकराचार्य सैफई भी पहुंचे, जहां कई राजनीतिक नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और गौसंरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
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