Lucknow News: मोबाइल चोरी कर UPI फ्रॉड करने वाले अंतरजनपदीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के उत्तरी जोन की थाना सैरपुर पुलिस और डीसीपी उत्तरी की क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मोबाइल चोरी कर बैंक खातों से यूपीआई के जरिए लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजनपदीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने इस मामले में 5 शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। खास बात यह रही कि मुकदमा दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया।
कैसे हुआ खुलासा
07 जून 2026 को थाना सैरपुर निवासी सरोज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया है और उसी मोबाइल का दुरुपयोग कर उनके एसबीआई खाते से 1.36 लाख रुपये और पीएनबी खाते से 54 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
शिकायत के आधार पर थाना सैरपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी उत्तरी के निर्देशन में पुलिस टीम गठित की गई। तकनीकी सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी किसान पथ होते हुए बीकेटी की ओर जा रहे हैं।
इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर सफेद रंग की हुंडई वर्ना कार को रोकते हुए उसमें सवार पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से
- 15 चोरी के मोबाइल फोन
- 7 सिम कार्ड
- 2 एटीएम कार्ड
- ₹22,260 नकद
- चार्जर और मल्टी चार्जिंग केबल
बरामद किए हैं।
घटना में प्रयुक्त हुंडई वर्ना कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों में औरैया, शाहजहांपुर, हाथरस और हरदोई जनपद के निवासी शामिल हैं, जो अलग-अलग पेशों से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस इनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
अपराध का तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों से मोबाइल चोरी करते थे। चोरी किए गए मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप और सिम का इस्तेमाल कर नई यूपीआई आईडी बनाते और खाताधारकों की जानकारी के बिना उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस की अपील
लखनऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन, नजदीकी थाना या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
साथ ही मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को पासवर्ड व ऐप लॉक से सुरक्षित रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, यूपीआई पिन या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें।
पुलिस उपायुक्त उत्तरी ने कहा कि “मोबाइल की सुरक्षा ही आपकी डिजिटल और आर्थिक सुरक्षा है। थोड़ी सी सावधानी से साइबर ठगी से बचा जा सकता है।”

