अमेरिकी कंपनी Opendoor ने भारत में समेटा कारोबार, सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी पर संकट
Sandesh Wahak Digital Desk : अमेरिका की रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी कंपनी Opendoor ने भारत में अपने संचालन को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी के इस कदम से भारत में काम कर रहे सैकड़ों कर्मचारियों पर नौकरी का संकट खड़ा हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने भारत में अपनी गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से बंद करना शुरू कर दिया है और इससे बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
ग्राहकों के करीब ले जाने की रणनीति बनी वजह
कंपनी का कहना है कि जिन कार्यों को अब तक भारत से संचालित किया जा रहा था, उन्हें ग्राहकों के अधिक करीब रहकर संचालित करना बेहतर होगा। Opendoor के अनुसार, उसका प्रमुख ग्राहक आधार अमेरिका में है, इसलिए कंपनी ने संबंधित भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को अमेरिकी बाजार के नजदीक स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इसी रणनीतिक बदलाव के तहत भारत में कारोबार बंद करने का फैसला लिया गया है।
करीब 250 कर्मचारियों पर असर
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फैसले से लगभग 250 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने कहा है कि प्रभावित कर्मचारियों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि सहायता के स्वरूप को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। भारत में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह फैसला अचानक आया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
I shared this note earlier today with the entire team at Opendoor.
Today we began to say goodbye to our colleagues in India as we wind down our India operations.
Our customers are in America, and that's where our operational work belongs. pic.twitter.com/Ak2jLxKiX5
— Kaz Nejatian (@nejatian) June 10, 2026
CEO ने दी जानकारी
Opendoor के CEO काज़ नेजातियन (Kaz Nejatian) ने भारत में परिचालन बंद करने की जानकारी देते हुए कहा कि भारत में मौजूद भूमिकाओं को कंपनी के ग्राहकों के करीब स्थानांतरित किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इससे संचालन और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। इस घोषणा के साथ ही भारत में Opendoor के अध्याय के समाप्त होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
गौरतलब है कि Opendoor अमेरिकी रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है। भारत में संचालन बंद करने का उसका यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कई वैश्विक कंपनियां अपने कारोबार और कार्यबल की संरचना की दोबारा समीक्षा कर रही हैं।

