गोरखपुर में बन रहे यूपी के पहले आयुष विश्वविद्यालय पर बड़ा एक्शन, कंपनी पर केस दर्ज
UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में बन रहे महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय के निर्माण में देरी को लेकर अब सरकार सख्त हो गई है। वर्षों से चल रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की धीमी प्रगति पर शासन ने बड़ा कदम उठाते हुए निर्माण कार्य करा रही कंपनी के ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। मुकदमा दर्ज होने की खबर से निर्माण एजेंसी में हड़कंप मच गया, हालांकि मंगलवार को भी विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण कार्य जारी रहा।
निर्माण में देरी और बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरा काम
आयुष विश्वविद्यालय का प्रस्ताव वर्ष 2021 में पास हुआ था और 27 दिसंबर 2021 को टेंडर के बाद निर्माण की जिम्मेदारी कर्नाटक की कंपनी विजय निर्माण कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को दी गई थी। तय समय के अनुसार कार्य 10 नवंबर 2024 तक पूरा होना था, लेकिन 15 जून 2026 तक भी निर्माण अधूरा है।
पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार को कई बार नोटिस दिया, लेकिन काम में कोई सुधार नहीं हुआ। आरोप है कि काम तेज करने के निर्देश देने पर ठेकेदार ने अपशब्द कहे और धमकी भी दी।
सीएम निरीक्षण और प्रशासनिक सख्ती के बाद बढ़ा दबाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस परियोजना का कई बार निरीक्षण किया और धीमी गति पर नाराजगी जताई। 2023 में ओपीडी का उद्घाटन करने के बाद भी निर्माण गति नहीं बढ़ी। 2025 में भी सीएम ने कड़े निर्देश जारी किए और कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
हाल ही में लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में भी निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने ठेकेदार पर केस दर्ज कराने का फैसला लिया।
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता दिनेश कुमार शर्मा की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि निर्माण कार्य तय समय से कई वर्ष पीछे चल रहा है और लगातार निर्देशों के बावजूद प्रगति नहीं हुई। अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
FIR के बावजूद विश्वविद्यालय में जारी रहा निर्माण कार्य
एफआईआर दर्ज होने के बावजूद विश्वविद्यालय परिसर में निर्माण कार्य जारी है। मजदूर काम करते दिखाई दिए, जबकि कंपनी के अधिकारी इस मामले पर बयान देने से बचते नजर आए। परियोजना के धीमे निर्माण को लेकर अब सरकार और प्रशासन दोनों स्तर पर सख्ती बढ़ती दिख रही है और आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

