अब Strait of Hormuz से ऐसे गुजरेंगे जहाज, US-Iran Deal के बाद जारी हुए नए नियम
Strait of Hormuz New Rule: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद हुए शांति समझौते का असर अब दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर भी दिखने लगा है। दोनों देशों के बीच हुए 14 सूत्रीय समझौते के बाद जहाजों की आवाजाही को लेकर नए नियम तय किए गए हैं, जिससे वैश्विक तेल व्यापार और समुद्री परिवहन को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दुनिया के ऊर्जा कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या अब जहाजों को यहां से गुजरने के लिए कोई शुल्क या टोल देना होगा। समझौते से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, फिलहाल ऐसा नहीं होगा।
Strait of Hormuz पर क्लियरेंस जरूरी
समझौते के तहत अगले 60 दिनों तक होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर कोई टोल या शुल्क नहीं लगाया जाएगा। हालांकि जहाजों को पहले से निर्धारित प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करना होगा।
नए नियमों के अनुसार जहाजों को अपनी यात्रा से पहले संबंधित समुद्री प्रशासन को अनुरोध भेजना होगा। यह प्रशासन जहाजों की जानकारी की समीक्षा करेगा, उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश देगा और जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था ईरान की उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह क्षेत्र में अपनी प्रशासनिक भूमिका और प्रभाव को मजबूत करना चाहता है।
Strait of Hormuz को लेकर क्या कहती है Deal?
समझौते के प्रमुख बिंदुओं में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और समुद्री यातायात की बहाली को प्राथमिकता दी गई है।
- व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से शुरू होगी।
- अगले 30 दिनों में समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगें हटाई जाएंगी।
- फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित किया जाएगा।
- भविष्य की समुद्री व्यवस्था तय करने के लिए ईरान और ओमान के बीच अलग वार्ता होगी।
प्रतिबंधों पर भी बड़ा फैसला
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते में केवल समुद्री व्यापार ही नहीं, बल्कि आर्थिक और कूटनीतिक संबंधों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।
समझौते के तहत अमेरिका ने ईरान पर लगे कई प्रमुख प्रतिबंधों को हटाने की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके अलावा ईरान को अपनी जमी हुई संपत्तियों तक पहुंच और आर्थिक गतिविधियों को फिर से गति देने का रास्ता भी खुल सकता है।
वहीं ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है और दोनों देश आने वाले 60 दिनों में व्यापक और अंतिम समझौते पर बातचीत जारी रखेंगे।
वैश्विक बाजार की नजर इस डील पर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में शामिल है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में अमेरिका-ईरान समझौते को केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि समझौते की शर्तें सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो तेल बाजार में स्थिरता आएगी और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेक्टर को भी राहत मिलेगी।
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