जितनी है Mukesh Ambani की कुल संपत्ति, उतने Elon Musk ने दो दिन में गंवा दिए, जाने पूरा मामला
Sandesh Wahak Digital Desk : दुनिया के पहले और एकमात्र ट्रिलियनेयर एलन मस्क की संपत्ति में पिछले दो दिनों के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। स्पेसएक्स के शेयरों में आई कमजोरी का सीधा असर उनकी नेटवर्थ पर पड़ा है। कंपनी में मस्क की करीब 42 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
बुधवार को एलन मस्क की नेटवर्थ में 56.4 अरब डॉलर से अधिक की कमी आई, जबकि गुरुवार को उनकी संपत्ति 32.1 अरब डॉलर और घट गई। इस तरह केवल दो दिनों में उन्होंने कुल 88.5 अरब डॉलर गंवा दिए। यह रकम लगभग उतनी ही है जितनी भारत के उद्योगपति मुकेश अंबानी की कुल नेटवर्थ 88.8 अरब डॉलर बताई गई है।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, इस गिरावट के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति 1.23 ट्रिलियन डॉलर रह गई है। हालांकि इसके बावजूद इस साल उनकी नेटवर्थ में अब तक 608 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
स्पेसएक्स की वैल्यूएशन में भी आई कमी
स्पेसएक्स के शेयरों में गुरुवार को 3.56 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप घटकर 2.437 ट्रिलियन डॉलर रह गया।
वर्तमान में दुनिया की सबसे अधिक मूल्यवान कंपनियों की सूची में स्पेसएक्स छठे स्थान पर है। उससे आगे केवल एनवीडिया, अल्फाबेट, एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन हैं।
अमीरों की सूची में कौन-कौन शामिल?
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज 314 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं। उनके बाद सर्गेई ब्रिन 291 अरब डॉलर के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस 291 अरब डॉलर के साथ चौथे, लैरी एलिसन 238 अरब डॉलर के साथ पांचवें, माइकल डेल 221 अरब डॉलर के साथ छठे और मार्क जकरबर्ग 206 अरब डॉलर के साथ सातवें स्थान पर हैं।
वहीं, जेंसन हुआंग 174 अरब डॉलर के साथ आठवें, बर्नार्ड अर्नाल्ट 168 अरब डॉलर के साथ नौवें और वॉरेन बफेट 146 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दसवें स्थान पर हैं।
भारत और एशिया के सबसे अमीर कारोबारी गौतम अडानी 119 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस सूची में 17वें स्थान पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 34.9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी 88.8 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ 25वें स्थान पर हैं। उनकी नेटवर्थ में इस वर्ष 18.9 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है।

