लेबनान हमले के बाद भड़का ईरान, Strait of Hormuz बंद कर दुनिया को दी सीधी धमकी

US-Iran War: दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नई पाबंदियों का ऐलान करते हुए जहाजों को वहां से गुजरने से बचने की चेतावनी दी है। ईरान का आरोप है कि लेबनान में संघर्ष विराम से जुड़ी शर्तों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।

दुनिया की तेल सप्लाई पर पड़ सकता है असर

Strait of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से एशिया, यूरोप और अन्य देशों तक पहुंचता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और शिपिंग सेक्टर पर पड़ सकता है।

ईरानी पक्ष का कहना है कि जब तक उसकी सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं होता, तब तक स्थिति सामान्य नहीं मानी जाएगी। वहीं जहाजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई है।

अमेरिका-ईरान बातचीत पर भी संकट

ताजा घटनाक्रम का असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ताओं पर भी पड़ा है। स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित बातचीत टल गई है और दोनों देशों के बीच बनने वाले व्यापक समझौते को लेकर नई अनिश्चितता पैदा हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में जारी सैन्य गतिविधियां इस गतिरोध की बड़ी वजह बनी हैं।

इससे पहले दोनों देशों के बीच हुए समझौते में समुद्री यातायात बहाल करने और तनाव कम करने पर सहमति बनी थी, लेकिन मौजूदा हालात ने उस प्रक्रिया को फिर मुश्किल में डाल दिया है।

वैश्विक बाजार की बढ़ी चिंता

होर्मुज (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार और शिपिंग कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गतिरोध लंबा खिंचता है तो ऊर्जा आपूर्ति और माल ढुलाई लागत पर इसका असर दिखाई दे सकता है। फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय पक्षों के बीच बातचीत कब और कैसे आगे बढ़ती है।

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