Fatehpur News: सगे भाई ने मां के मकान पर किया अवैध कब्जा, हिस्सा मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी

Fatehpur News: जनपद के बाकरगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत मसवानी मुहल्ले में पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मकान नंबर 894/748 के मूल निवासी नफीस अहमद ने अपने ही सगे भाई रईस अहमद और उनके बेटों पर स्वर्गीय मां नजबुन निशा के पैतृक मकान पर जबरन कब्जा करने और हक मांगने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने का संगीन आरोप लगाया है।

पीड़ित नफीस अहमद (पुत्र वहीद अहमद) के अनुसार, मां के इंतकाल के बाद उन्होंने इंसानियत और भाईचारे के नाते रईस अहमद और उनके बेटों जुबैर, सुहेल व समीर को 10,000 रुपये मासिक किराये पर इस मकान में रहने की इजाजत दी थी। आरोप है कि कुछ समय तक किराया देने के बाद रईस अहमद ने न सिर्फ किराया देना बंद कर दिया, बल्कि जालसाजी कर पूरे मकान को अपना बताकर हड़पने का प्रयास शुरू कर दिया।

पीड़ित दर-दर भटकने को मजबूर

पीड़ित नफीस अहमद का दावा है कि पैतृक मकान के सभी मूल दस्तावेज आज भी उनके पास सुरक्षित हैं। नगर पालिका फतेहपुर के अभिलेखों में हाउस टैक्स आज भी स्वर्गीय मां नजबुन निशा के नाम पर ही दर्ज है। बीते महीने ही नफीस के बेटे अरबाज खान ने नगर पालिका में एक साल का बकाया टैक्स जमा कर रसीद हासिल की है, जबकि आरोपी रईस के पास मालिकाना हक का कोई भी कानूनी कागज मौजूद नहीं है।

आरोपियों पर यह भी आरोप है कि वे न तो नफीस को मकान में कोई नया निर्माण करने दे रहे हैं और न ही नया किरायेदार रखने दे रहे हैं। दबंगई के बल पर मकान का मुख्य रास्ता भी अवरुद्ध कर दिया गया है।

पुलिसिया कार्रवाई पर खड़े हुए सवाल

पीड़ित ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। नफीस के मुताबिक, रईस अहमद और उनके बेटों के खिलाफ बाकरगंज थाने में FIR संख्या 047 (19 मार्च 2025) पहले से दर्ज है। इस मामले में रिश्तेदार गुड्डू, पापू और जाकिर पर भी जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पीड़ित का कहना है, मुकदमा दर्ज हुए 15 महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस ने अब तक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं की है। उल्टा आरोपियों के रसूख के चलते हमें ही डराया-धमकाया जाता है।

लखनऊ में मजदूरी करने को मजबूर पीड़ित परिवार

फतेहपुर का पैतृक आशियाना छिन जाने के कारण बेहद तंगहाली में जी रहे नफीस अहमद वर्तमान में लखनऊ में एक किराये के कमरे में रहकर मजदूरी करने को मजबूर हैं। इसी मजदूरी से वे अपने बेटे अरबाज खान और बेटी आफरीन सिद्दीकी का भरण-पोषण कर रहे हैं। बच्चों के विवाह योग्य होने के कारण पीड़ित परिवार इस समय गहरे मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है।

इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ ही पुलिस अधीक्षक (SP) फतेहपुर से आरोपियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने, मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराने और पीड़ित परिवार को उचित सुरक्षा मुहैया कराने की भावुक गुहार लगाई है।

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