आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को भेजा नया नोटिस, 23 जून को पक्ष रखने की मोहलत

Lucknow News: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को आयकर विभाग ने एक नया नोटिस तामील कराया है। यह पूरी कार्रवाई रामपुर सदर सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक आकाश सक्सेना द्वारा पांच वर्ष पहले (साल 2021 में) की गई एक शिकायत के आधार पर आगे बढ़ी है। इस शिकायत के बाद सितंबर 2023 में इनकम टैक्स की टीमों ने रामपुर पहुंचकर सघन जांच की थी, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई थी। इसी कड़ी में अब विभाग ने 17 जून को यह ताजा नोटिस जारी किया है।

ऑनलाइन जवाब दाखिल करने का मिला विकल्प

विभागीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए नोटिस पर सुनवाई के लिए 23 जून की सुबह 11:30 बजे का समय तय किया गया है। नोटिस के जरिए आजम खान से कहा गया है कि वे खुद या अपने किसी कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर अपनी बात रखें और मामले से जुड़े जरूरी दस्तावेज पेश करें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि वे तय तारीख तक अपने लिखित दस्तावेज जमा करा देते हैं, तो उनका व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना जरूरी नहीं है। वे विभागीय ई-फाइलिंग पोर्टल के माध्यम से भी अपना पक्ष ऑनलाइन रख सकते हैं।

गौरतलब है कि जौहर ट्रस्ट को इससे पहले सितंबर 2025 में भी एक कारण बताओ नोटिस दिया जा चुका है। इस पर ट्रस्ट की तरफ से 28 मार्च 2026 और फिर हाल ही में 9 जून, 2026 को स्पष्टीकरण भेजा गया था, जिस दौरान आमने-सामने की सुनवाई भी हुई थी। आयकर विभाग को अलग-अलग सरकारी एजेंसियों और विभागों से जो इनपुट मिले हैं, उनके आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है। विभाग इस मामले में अंतिम फैसला ट्रस्ट द्वारा दिए गए जवाबों और उनके पास मौजूद सबूतों को परखने के बाद ही करेगा।

ट्रस्ट का रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश

प्रधान मुख्य आयुक्त आयकर-केंद्रीय (लखनऊ) कार्यालय की ओर से भेजे गए इस पत्र में जिक्र है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से लेकर 2023-24 तक के चार सालों के आय-व्यय के मूल्यांकन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। सितंबर 2023 की छापेमारी में मिले इनपुट के बाद ही इन मामलों को विस्तृत जांच के दायरे में लिया गया था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि लखनऊ के आयकर केंद्रीय सर्किल-1 के उप आयुक्त ने इस ट्रस्ट के टैक्स रजिस्ट्रेशन (आयकर पंजीकरण) को वापस लेने की अनुशंसा कर दी है। इस ट्रस्ट को सबसे पहले वर्ष 2005 में यह मान्यता मिली थी, जिसे बाद में रिन्यू किया गया था।

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