RBI का बड़ा फैसला, बैंकों में डाले 1.41 लाख करोड़, आम जनता को मिलेगा फायदा
Reserve Bank of India: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम में कुल 1,41,171 करोड़ रुपये की नकदी डाली है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब देश का बैंकिंग सिस्टम लिक्विडिटी यानी नकदी की कमी से जूझ रहा है। बैंकों के पास पर्याप्त पैसा न होने का असर सीधे आम लोगों और कारोबार पर पड़ता है।
VRR नीलामी से किया गया पैसा जारी
आरबीआई ने यह रकम VRR (Variable Rate Repo) नीलामी के माध्यम से बैंकों में डाली है। यह एक ऐसा तरीका है, जिससे केंद्रीय बैंक बैंकिंग सिस्टम में अस्थायी नकदी की कमी या अधिकता को संतुलित करता है। जानकारों के अनुसार, हाल ही में GST भुगतान के कारण बैंकिंग सिस्टम से बड़ी मात्रा में पैसा निकल गया, जिससे नकदी का संकट पैदा हुआ। इसी वजह से 21 जून को सिस्टम में 30,685 करोड़ रुपये का सरप्लस घटकर 22 जून को 19,971 करोड़ रुपये के घाटे में चला गया।
नकदी की कमी का असर ओवरनाइट मनी मार्केट पर भी देखने को मिला, जहां कॉल मनी रेट 5.43 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो RBI की रेपो दर से अधिक है। इससे बाजार में ब्याज दरों पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, RBI का यह कदम बाजार में स्थिरता लाने के लिए जरूरी था।
आम जनता को कैसे मिलेगा फायदा
जब बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त नकदी होती है, तो बैंक आसानी से लोन दे पाते हैं। इससे होम लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन की उपलब्धता बढ़ती है। इससे बाजार में पैसा बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। RBI ने हाल के दिनों में कई VRR नीलामियों के जरिए लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपये की अस्थायी नकदी सिस्टम में डाली है, जिससे वित्तीय स्थिति को संतुलित किया जा सके।

