Kolkata हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या हुई 5, राहत-बचाव कार्य जारी, 5 की हालत गंभीर

Kolkata Warehouse Collapse: कोलकाता के तारातला बेस ब्रिज के पास बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया। निर्माणाधीन गोदाम में लोहे की बीम पर तैयार किया जा रहा विशाल शेड अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

हादसे के समय वहां बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। अब तक मलबे से 5 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 13 घायलों को एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें से 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। आशंका है कि अभी भी कई मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

मलबे के नीचे से आ रही आवाजें

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा (Kolkata Warehouse Collapse) इतना भयावह था कि देखते ही देखते पूरी छत मजदूरों पर आ गिरी। राहत-बचाव दलों को मलबे के नीचे से कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, करीब 35 से 40 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

सेना, दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा

Kolkata हादसे में मरने वाले मजदूरों की संख्या हुई 5, राहत-बचाव कार्य जारी, 5 की हालत गंभीर

घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबा हटाने के लिए भारी क्रेन और अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गई है।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

हादसे (Kolkata Warehouse Collapse) के बाद प्रशासन ने परिजनों और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

  • 1070
  • 8697981070
  • 033-22143526
  • 033-22535185

इन नंबरों पर संपर्क कर लोग अपने परिजनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

पूरे इलाके में दहशत का माहौल

हादसे की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रशासन का कहना है कि बचाव कार्य पूरा होने के बाद हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

Also Read: राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी का शिकंजा, फेमा उल्लंघन मामले में बेंगलुरु और मुंबई के 9 ठिकानों पर छापेमारी

Get real time updates directly on you device, subscribe now.