राम मंदिर चढ़ावा केस में बड़ा एक्शन, SIT रिपोर्ट के बाद FIR दर्ज, कई धाराओं में केस

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दी गई शिकायत पर दर्ज इस मुकदमे में छह लोगों को नामजद किया गया है। मामले में कथित तौर पर चढ़ावे और दान से जुड़ी अनियमितताओं की जांच की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, SIT की शुरुआती जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके आधार पर मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया। अब मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित दस्तावेजों व रिकॉर्ड को खंगाला जा रहा है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। टीम ने पिछले दिनों अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब पुलिस और SIT दोनों स्तर पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

जानकारी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े श्री कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत में चढ़ावे और उससे संबंधित व्यवस्थाओं में कथित गड़बड़ियों का जिक्र किया गया था। इसी शिकायत को आधार बनाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

आगे क्या होगा?

FIR दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसियां नामजद लोगों से पूछताछ कर सकती हैं। साथ ही चढ़ावे से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। SIT की फाइनल रिपोर्ट अगले कुछ दिनों में आने की संभावना है, जिसके बाद मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

राम मंदिर जैसे देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और SIT की अंतिम रिपोर्ट तय करेगी कि इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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