ईरान में खामेनेई का राजकीय अंतिम संस्कार शुरू, ताबूत के पास भारत के धर्मगुरुओं ने की प्रार्थना
Ali Khamenei Funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार की प्रक्रिया राजधानी तेहरान में शुरू हो गई है। उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार तड़के तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला (मुख्य प्रार्थना स्थल) लाया गया, जहां दुनिया भर से आए मेहमान उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
ईरान सरकार के अनुसार, इस शोक समारोह में करीब 100 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ताबूत को इमाम हुसैन की दरगाह से लाए गए पवित्र लाल झंडे से ढका गया है, जिसे ‘प्रतिरोध, बलिदान और सच्चाई’ का प्रतीक बताया गया।
भारत से कौन-कौन हुआ शामिल
भारत की ओर से कई प्रमुख राजनीतिक और धार्मिक चेहरे ईरान पहुंचे हैं। ईरानी दूतावास द्वारा साझा तस्वीरों में महबूबा मुफ्ती और सलमान खुर्शीद नजर आए। महबूबा मुफ्ती गुरुवार शाम नई दिल्ली से तेहरान पहुंचीं और वह जम्मू-कश्मीर व लद्दाख से आमंत्रित एकमात्र गैर-शिया नेता हैं।
An honour for me to be here in Tehran to express my deepest condolences & solidarity on the martyrdom of Iran’s Supreme Leader Ayatollah Sayyed Ali Khamenei- a revered leader who dared to stand against the tide & fought for the oppressed. pic.twitter.com/dyfRbNXhsr
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) July 3, 2026
इसके अलावा भारत सरकार का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भी ईरान गया है, जिसमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन शामिल हैं। ईरानी मीडिया के वीडियो में भारत के हिंदू, मुस्लिम और सिख धर्मगुरु भी ताबूत के पास खड़े होकर प्रार्थना करते दिखे।
A delegation of Indian religious leaders paid tribute to the martyred Leader of the Islamic Republic of Iran, Ayatollah Ali Khamenei. pic.twitter.com/Ji1i3vNkGm
— Iran in India (@Iran_in_India) July 3, 2026
सुरक्षा, बयान और आगे की प्रक्रिया
तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी है। लोग काले कपड़ों में ईरानी झंडे लहराते दिखे। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इसे “राष्ट्रीय एकता और मजबूती का नया अध्याय” बताया।
यह अंतिम संस्कार 4 से 9 जुलाई तक तेहरान, कोम, मशहद, नजफ और कर्बला में पूरा होगा। सुरक्षा कारणों से खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई इसमें शामिल नहीं हो रहे हैं। ईरानी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और अधिकारियों ने किसी भी दुस्साहस पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

